Bihar marriage controversy:ताना, समाज और मजबूरी में विवाह, 18 साल की बालिग ने 41 वर्षीय शिक्षक से रचाई शादी, थाना पर की चुप्पी पर उठे सवाल
Bihar marriage controversy: 18 वर्षीय इंटर की छात्रा ने 41 वर्षीय शिक्षक से थाने पर ताना कसने का आरोप लगाते हुए विवाह कर लिया है और थानाध्यक्ष हेमलता ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है...
Bihar marriage controversy: मुजफ्फरपुर की जमीन से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने समाज, सिस्टम और संवेदनाओं तीनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। औराई थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय इंटर छात्रा द्वारा 41 वर्षीय शिक्षक प्रवीण जी से शादी करने का मामला अब इश्क की बहस में बदल गया है।
युवती का बयान सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह आरोप लगा रही है कि समाज के ताने, बदनामी और लगातार उठते सवालों ने उसकी जिंदगी को मजबूरी के रास्ते पर धकेल दिया। उसके मुताबिक, लोग उसे और शिक्षक को लेकर तरह-तरह की बातें करते थे, थाने पर शादी करने गई थी जैसे तानों ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया। युवती का दावा है कि परिवार की मारपीट और सामाजिक दबाव के बीच उसे यह कदम उठाना पड़ा।
जिस उम्र में किताबें हाथ में होनी चाहिए थीं, उस उम्र में उसके हाथों में शादी का दस्तावेज थमा दिया गया। वह कहती है अब सुख हो या दुख, सब भगवान का दिया समझकर स्वीकार करेंगे। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सिस्टम पर भी उठ रहा है। युवती खुद औराई थाना परिसर में बयान देती नजर आई, लेकिन थाना प्रभारी हेमलता का कहना है कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। यह जवाब लोगों के बीच और ज्यादा सवाल खड़े कर रहा है क्या यह अज्ञानता है या नजरअंदाज़ी?
सामाजिक ताने, पारिवारिक दबाव और कथित मारपीट के बीच यह मामला अब सिर्फ एक शादी नहीं रहा, बल्कि मजबूरी की ममता में लिपटी सामाजिक कहानी बन गया है। युवती का आरोप है कि उसे लगातार अपमान और बदनामी झेलनी पड़ी, जिसके कारण वह इस रिश्ते में बंधने को मजबूर हुई।
उधर, प्रशासन की चुप्पी और औराई थाना की थाना प्रभारी हेमलता की अनभिज्ञता ने मामले को और भी रहस्यमयी बना दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब लड़की थाने तक पहुंचकर बयान दे रही है, तो फिर औराई थाना की थाना प्रभारी हेमलता “मुझे जानकारी नहीं” जैसी प्रतिक्रिया कितनी सच और कितनी औपचारिक है? यह मामला अब सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि समाज के उन तानों की कहानी बन चुका है जो कभी-कभी किसी की पूरी जिंदगी की दिशा बदल देते हैं। और सवाल वहीं खड़ा है यह इश्क था, इज्बार था, या सिर्फ समाज की बनाई हुई एक मजबूरी की पटकथा?
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा