श्रावण मास द्वितीय सोमवारी, उत्तर बिहार के बाबा गरीबनाथ धाम में शिव भक्तों का उमड़ा सैलाब, पूरा वातावरण हो गया है शिवमय

Bihar News: पवित्र श्रावण मास के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर उत्तर बिहार के प्रख्यात सिद्धपीठ बाबा गरीबनाथ धाम में देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक हेतु शिवभक्तों का अनंत जनसैलाब उमड़ पड़ा है।

बाबा गरीबनाथ धाम में शिव भक्तों का उमड़ा सैलाब- फोटो : reporter

Bihar News: पवित्र श्रावण मास के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर उत्तर बिहार के प्रख्यात सिद्धपीठ बाबा गरीबनाथ धाम में देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक हेतु शिवभक्तों का अनंत जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सावन मास की दूसरी सोमबारी को उत्तर बिहार का देवघर कहलाने वाला बाबा गरीब धाम में जलाभिषेक करने को लेकर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है,आधी रात से ही शिव भक्त जलाभिषेक के लिए पंक्तिवध हो कर जलाभिषेक सुरु कर दिया है .श्रद्धांलुओं की अधिक भीड़ और विधि व्यवस्था बनाए रखने को लेकर जिलाधिकारी कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने खुद मोर्चा संभालते हुए मंदिर के गेट पर डटे रहे वही मंदिर के सुरक्षा के दृस्टिकोण मंदिर से मंदिर के समीप मेटल डिडेक्टर मशीन से जल लेकर पहुंचे श्रद्धांलुओं को गुजारा जा रहा है.वही बिहार में पहली बार उत्तर प्रदेश के तर्ज पर योगी मॉडल स्टाइल में बिहार का देवघर कहे जाने वाले  मुजफ्फरपुर का गरीब नाथ धाम में पहुंचने वाले कंबरिया श्रद्धालुओं के ऊपर पर्यटन विभाग की ओर से हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की जाएगी, जो अपने आप में एक अनोखा दृश्य होगा. और यह शिव भक्तों के लिए बिहार में पहली बार किया जा रहा है 

दरअसल श्रावण मास के दूसरी सोमवारी को जलाभिषेक करने को लेकर शिव भक्त सारण जिले के पहलेजा घाट से सोनपुर और हाजीपुर के रास्ते 85 किलोमीटर की दुरी तय कर मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर पहुंच जलाभिषेक करते है ।उत्तर बिहार का देवघर कहे जाने वाले बाबा गरीब नाथ धाम की ऐसी मान्यता है की यहां का शिवलिंग मनोकामना लिंग है और यहां जो भी भक्त सच्ची आस्था से जलाभिषेक कर जो भी मन्नत मांगते हैं उनकी मन्नत पूरा होती है. साथ ही इस मंदिर का महत्व इतना है कि आदिकाल से ही लोग पहलेजा स्थित मां गंगा से जल बोझकर नंगे पांव चल कर बाबा गरीब नाथ धाम के मनोकामना लिंग पर पर जलाभिषेक करते हैं. 

आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर का गरीबनाथ मंदिर भगवान शिव का अत्यंत प्राचीन और प्रसिद्ध सिद्धपीठ है,जिसे उत्तर बिहार का देवघर भी कहा जाता है और यहाँ का शिवलिंग स्वयं प्रकट हुए थे.यहां की मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से बाबा के दर पर आते है,उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.बाबा गरीबनाथ मंदिर में एक विशाल पीपल का पेड़ है,जहां शिवलिंग स्वयं प्रकट हुए थे और कहा जाता है कि जिस जगह पर आज बाबा गरीब नाथ का गर्भ गृह वहां पहले घना जंगल था और वहा स्थित पीपल का पेड़ काटते समय जब उससे खून की धारा निकली,तब लोगों ने पैर की कटाई रोक दी.उसके बाद लोगों को पता चला यहां शिवलिंग है. उसके बाद यहां के लोगों ने पूजा अर्चना शुरू कर दी.आज भी इस मंदिर में वह पुराना पीपल का वृक्ष भी मौजूद है.बाबा गरीब नाथ पर लोगों का इतना अटूट आस्था है कि पहलेजा घाट से जल भरकर सोनपुर हाजीपुर के रास्ते 85 किलोमीटर की दूरी तय कर मुजफ्फरपुर पहुंचते हैं और बाबा गरीब नाथ पर जलाभिषेक करते हैं. ऐसी मान्यता है कि देवघर की तरह जब शिव भक्त जल भरकर पहले बाबा धाम में जलाभिषेक कर बासुकीनाथ में जलाभिषेक करते हैं.उसी तरह बाबा गरीब नाथ का भक्त पहलेजा घाट से जल भरकर पहले सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ पर जलाभिषेक करते हैं फिर उसके बाद हाजीपुर के रास्ते मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ पर जलाभिषेक कर अपनी मनोकामना पूर्ति की कामना करते हैं.मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी, वैशाली, चंपारण,नेपाल और बिहार के अन्य दूर-दूर के जिलों से भक्त कठिन डगर पार करके बाबा पर जलाभिषेक करते है. वही लाखों की संख्या में शिव भक्त जल लेकर आते हैं तो इसको लेकर मंदिर कमेटी से लेकर जिला प्रशासन भी पूरी तरह तैयारी में जुटी रहती है. शहर के मिठनपुरा स्थित जिला स्कूल मैदान से मंदिर तक करीब 3 किलोमीटर की दूरी में बैरिकेडिंग की जाती है ताकि कांबरियो के भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.सीसी टीवी कैमरा के साथ ही ड्रोन कैमरा से कांवरिया पथ की निगरानी करते हैं.दूसरे तरफ हर सोमवार को बाबा गरीब नाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता हैं, जिसके दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं और बाबा का श्रृंगार दर्शन कर शिव भक्त अपने को धन मानते हैं.

 परंपरा के अनुसार, भक्तगण सर्वप्रथम बाबा हरिहरनाथ का अर्चन कर मुजफ्फरपुर पहुँचते हैं। सीतामढ़ी, वैशाली, चंपारण एवं नेपाल समेत दूर-दूर से आए अराध्य भक्तों की अटूट निष्ठा और द्वितीय सोमवारी के इस अलौकिक श्रृंगार दर्शन से संपूर्ण क्षेत्र शिवमय हो गया है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा