रातभर दौड़े 3 सोनपुर, वाराणसी और झांसी रेल मंडल: बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस में छूटा सामान, चला 'ऑपरेशन मैंगो'

बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला यात्री की दो पेटी आम और बैग मुजफ्फरपुर स्टेशन पर छूट गए। 'रेल मदद' पर शिकायत मिलते ही सोनपुर, वाराणसी और झांसी रेल मंडल की आरपीएफ टीमों ने रातभर 6 घंटे तक 'ऑपरेशन मैंगो' चलाया।

बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस में छूटा सामान, चला 'ऑपरेशन मैंगो' - फोटो : news 4 nation AI

बिहार से यूपी तक इस बार आम ने जो कमाल किया उसने रेलवे महकमे की रात की नींद उड़ा दी। बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11124) में सफर कर रही एक महिला यात्री मुजफ्फरपुर स्टेशन पर जल्दबाजी में उतर गईं। घर पहुंचने पर उन्हें याद आया कि ट्रेन के एस-4 (S-4) कोच में उनकी दो पेटी आम और एक बैग छूट गया है। महिला ने बिना देर किए इसकी शिकायत ‘रेल मदद’ पोर्टल पर दर्ज कराई, जिसके बाद रेलवे की टीमों ने तीन रेल मंडलों में रातभर एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया।


'रेल मदद' पर शिकायत मिलते ही अलर्ट मोड में आया रेलवे तंत्र

जैसे ही 'रेल मदद' पोर्टल पर दो पेटी आम और बैग छूटने की शिकायत दर्ज हुई, रेलवे का पूरा प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। सोनपुर रेल मंडल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वाराणसी और झांसी रेल मंडल को इसकी सूचना भेजी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरपीएफ (RPF) और रेलवे की टीमें पूरी तरह एक्टिव हो गईं और आधी रात को ही 'मिशन मैंगो' की शुरुआत की गई ताकि चलती ट्रेन से महिला का कीमती सामान बरामद किया जा सके।


6 घंटे तक आरपीएफ ने खंगाली ट्रेन, पर खाली हाथ रही टीमें

बुधवार की आधी रात करीब 12 बजे से लेकर गुरुवार सुबह 6 बजे तक यह स्पेशल सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहा। बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस जिन-जिन स्टेशनों पर रुकी, वहां-वहां आरपीएफ की टीमों ने एस-4 कोच के कोने-कोने की बारीकी से तलाशी ली। तीनों रेल मंडलों के सुरक्षा अधिकारी पल-पल की जानकारी एक-दूसरे से साझा कर रहे थे। आखिरकार छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वाराणसी रेल मंडल की ओर से बताया गया कि सीवान आरपीएफ समेत अन्य टीमों की भारी खोजबीन के बावजूद आम की पेटियां और बैग नहीं मिल सके, जिसके बाद इस ऑपरेशन को समाप्त घोषित किया गया।


सामान तो नहीं मिला, लेकिन रेलवे की तत्परता ने जीती सोशल मीडिया की वाहवाही

भले ही फलों का राजा 'आम' और महिला का बैग बरामद नहीं हो सका, लेकिन इस अनोखी घटना की चर्चा अब सोशल मीडिया पर खूब हो रही है। लोग मजाक में लिख रहे हैं कि "रेलवे रातभर आम खोजती रही और उधर कोई मालदा या लंगड़ा आम का स्वाद ले रहा होगा।" हालांकि, मजाक से इतर इस पूरे घटनाक्रम ने यात्रियों की सेवा के प्रति रेलवे की तत्परता और संवेदनशीलता की एक बड़ी मिसाल पेश की है, जहां एक सामान्य यात्री की शिकायत पर तीन रेल मंडलों की टीमें आधी रात को एकजुट होकर काम में जुट गईं।