लव स्टोरी से BDO की कुर्सी और फिर मौत! मुजफ्फरपुर में प्रखंड विकास पदाधिकारी की पत्नी के सुसाइड का पूरा सच!

जफ्फरपुर: पहले प्यार, फिर शादी और अब खौफनाक अंत! जाले प्रखंड के BDO की पत्नी की संदिग्ध मौत से सनसनी।कंपटीशन की तैयारी के दौरान शुरू हुई थी लव स्टोरी, ऑडिटर बनने के बाद की थी कोर्ट मैरिज। अब मिठनपुरा में पत्नी की मौत के बाद FIR के लिए आवेदन।

लव स्टोरी से BDO की कुर्सी और फिर मौत!- फोटो : Reporter

मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में दरभंगा के जाले प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद मृतका के परिजनों ने बीडीओ के खिलाफ कई संगीन आरोप लगाते हुए मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के लिए लिखित आवेदन दिया है। वहीं दूसरी तरफ, आरोपी बने प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।


मुजफ्फरपुर में कंपटीशन की तैयारी के दौरान शुरू हुई थी लव स्टोरी

मामले में घिरे बीडीओ मनोज कुमार ने अपनी सफाई देते हुए बताया कि वह मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के पियर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। वर्ष 2015 में जब वह मुजफ्फरपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं (कंपटीशन) की तैयारी कर रहे थे, उसी दौरान उनकी मुलाकात सीतामढ़ी जिले के बेला थाना क्षेत्र की निवासी अमृता कुमारी से हुई थी, जो स्वयं भी वहीं रहकर तैयारी कर रही थीं। दोनों की यह मुलाकात धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और बाद में अमृता आगे की पढ़ाई के लिए पटना चली गईं, लेकिन इसके बावजूद दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे और उनका रिश्ता बरकरार रहा।

केंद्र सरकार की नौकरी से लेकर कोर्ट मैरिज और सामाजिक शादी का सफर

मनोज कुमार ने बताया कि 7 मई 2018 को उनका चयन केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय में ऑडिटर के पद पर हुआ था, जिसके बाद उनकी पहली पोस्टिंग इलाहाबाद (प्रयागराज) में हुई। लंबे समय तक प्रेम संबंध में रहने के बाद, वर्ष 2020 में दोनों ने आपसी सहमति से कोर्ट मैरेज कर ली और इलाहाबाद में साथ रहने लगे। इसके बाद दोनों परिवारों की रजामंदी और सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ 9 दिसंबर 2022 को पूरे समाज के सामने दोनों पक्षों के परिजनों की मौजूदगी में उनकी अरेंज मैरिज भी धूमधाम से संपन्न कराई गई थी।


ऑडिटर से बीडीओ बनने का सफर और दरभंगा के जाले में हुई पोस्टिंग

नौकरी में रहते हुए भी मनोज कुमार ने अपनी तैयारी जारी रखी और 4 अगस्त 2022 को आए प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम में उनका चयन प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के पद पर हो गया। बीडीओ के रूप में चयनित होने के बाद, उन्होंने 20 दिसंबर 2022 को बेगूसराय में अपनी ट्रेनिंग शुरू की। ट्रेनिंग की अवधि पूरी होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में बीडीओ के रूप में हुई और तब से वह लगातार इसी पद पर वहां कार्यरत हैं।

छोटे-मोटे विवादों के अलावा कोई मतभेद नहीं, आरोपों को बताया बेबुनियाद

बीडीओ मनोज कुमार का कहना है कि शादी के बाद से अमृता अक्सर उनके साथ ही रहती थी और कभी-कभी मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित आवास पर भी आकर रुकती थी। शनिवार को जब वह अपनी विभागीय ट्रेनिंग के सिलसिले में पटना में थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि उनकी पत्नी ने कोई जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के बीच होने वाले छोटे-मोटे विवादों को छोड़कर उनके बीच कोई बड़ा मतभेद नहीं था, इसलिए वह खुद हैरान हैं कि अमृता ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया। ससुराल पक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वर्तमान में पत्नी के मायके वाले गहरे सदमे और आक्रोश में हैं, जिस कारण वे मुझ पर तमाम तरह के झूठे आरोप लगा रहे हैं।

रिपोर्ट - मणिभूषण