Bihar News: 77वें गणतंत्र दिवस से पहले मुजफ्फरपुर में डीएम-एसएसपी का जायज़ा, अफसरों को दिया गया सख़्त दिशा निर्देश, तिरंगे की आन-बान, सिस्टम की चौकसी
Bihar News: देश जब 26 जनवरी को अपना 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रहा है, उसी कड़ी में मुजफ्फरपुर भी राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगने को तैयार है।
Bihar News: देश जब 26 जनवरी को अपना 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रहा है, उसी कड़ी में मुजफ्फरपुर भी राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगने को तैयार है। सियासत और प्रशासन के साझा एजेंडे पर इस बार सुरक्षा, अनुशासन और गरिमा” सबसे ऊपर है। जिला प्रशासन और मुजफ्फरपुर पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ तैयारियों में जुटी हुई है, ताकि तिरंगे की शान में कोई कमी न रह जाए।
इसी सिलसिले में गुरुवार को 26 जनवरी के भव्य कार्यक्रमों को लेकर फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया। इस रिहर्सल का निरीक्षण खुद जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने किया। परेड ग्राउंड पर कदमताल की गूंज के बीच डीएम और एसएसपी ने हर व्यवस्था का बारीकी से जायज़ा लिया और संबंधित अधिकारियों को साफ़ और सख़्त दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान परेड का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न टुकड़ियों ने अनुशासन और तालमेल का प्रदर्शन किया। डीएम-एसएसपी ने परेड की सलामी ली और इसकी गुणवत्ता, टाइमिंग और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया। प्रशासनिक ज़ुबान में कहें तो यह सिर्फ़ एक रिहर्सल नहीं, बल्कि सिस्टम की रिहर्सल थी कि 26 जनवरी को कोई चूक न हो, कोई कमी न रह जाए।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कार्यक्रम स्थल की साफ़-सफाई, बैठने की व्यवस्था, आम लोगों की सुविधा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अफसरों को अलर्ट मोड में रहने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरी तरह तैयार रहे।
इस मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार, ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर, सिटी एसपी, सभी डीएसपी समेत जिला प्रशासन और पुलिस के तमाम वरीय अधिकारी मौजूद रहे। हर अफसर को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाई गई और समन्वय के साथ काम करने पर ज़ोर दिया गया।
मुजफ्फरपुर में 77वें गणतंत्र दिवस को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह एक्टिव नज़र आ रही है। सत्ता की नज़र में यह सिर्फ़ उत्सव नहीं, बल्कि लोकतंत्र की ताक़त और संविधान की इज़्ज़त का दिन है और इसे यादगार बनाने के लिए सिस्टम हर मोर्चे पर चौकस दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा