Bihar LPG shortage: लाइन में आम जनता, होटल में धड़ल्ले से हो रहा घरेलू गैस का उपयोग, रसोई गैस का काला खेल! प्रशासन की सख्ती पर उठे सवाल

Bihar LPG shortage: इन दिनों रसोई गैस को लेकर एक अजीबोगरीब तस्वीर सामने आ रही है। ...

रसोई गैस का काला खेल!- फोटो : reporter

Muzaffarpur: जिला में इन दिनों रसोई गैस को लेकर एक अजीबोगरीब तस्वीर सामने आ रही है। एक तरफ जिला प्रशासन दावा कर रहा है कि जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और आम लोगों को आसानी से सिलेंडर मिल रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोग घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।

शहर और ग्रामीण इलाकों में लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। कई जगहों पर उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि “सर्वर डाउन है” या “नंबर नहीं लग पा रहा है।” इससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। घर की रसोई ठंडी पड़ रही है और लोग मजबूरी में लकड़ी या दूसरे विकल्पों का सहारा लेने को विवश हो रहे हैं।

लेकिन इसी बीच जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क किनारे चलने वाले कई होटलों और ढाबों में घरेलू गैस सिलेंडर का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। जहां एक तरफ आम लोग गैस के लिए लाइन में खड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ होटल और खाने-पीने की दुकानों में घरेलू सिलेंडर बेखौफ जलते नजर आ रहे हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर गैस एजेंसियों के मुताबिक सर्वर डाउन है और सिलेंडर की आपूर्ति में परेशानी है, तो फिर इन होटलों तक घरेलू गैस सिलेंडर आखिर पहुंच कैसे रहे हैं? क्या कहीं पर्दे के पीछे कोई ‘सेटिंग’ चल रही है? क्या एजेंसी संचालक आम उपभोक्ताओं को इंतजार में रखकर सिलेंडर का खेल किसी और तरीके से चला रहे हैं?

यह भी चर्चा है कि आपदा के इस माहौल में कहीं कुछ लोग “आपदा में अवसर” तो नहीं तलाश रहे। अगर आम जनता को सिलेंडर नहीं मिल रहा और होटल-ढाबों में घरेलू गैस खुलकर इस्तेमाल हो रही है, तो प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल उठना लाजिमी है।

जिला प्रशासन लगातार एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर सामान्य आपूर्ति का दावा कर रहा है, लेकिन जमीन पर दिख रही तस्वीर कुछ और ही संकेत दे रही है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन होटलों और ढाबों में चल रहे घरेलू गैस के इस खुले खेल पर कार्रवाई करेगा, या फिर आम लोग यूं ही लाइन में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते रहेंगे।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा