Bihar News : मुजफ्फरपुर में मनीष हत्याकांड पर बवाल, पुलिस ने बिना शिनाख्त किए जलाया शव, आक्रोशित परिजनों ने NH-28 किया जाम

Bihar News : मुजफ्फरपुर में मनीष हत्याकांड को लेकर लोगों ने जमकर बवाल काटा. इस दौरान लोगों ने NH 28 को जाम कर दिया.......पढ़िए आगे

मनीष हत्याकांड पर बवाल - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : जिले के सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर कृष्णा पंचायत से 15 जनवरी को लापता हुए युवक मनीष कुमार की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मनीष का शव 16 जनवरी की सुबह मनियारी थाना क्षेत्र के सिलौत स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक से बरामद हुआ था। उस समय पुलिस ने शव की पहचान न होने की स्थिति में यूडी केस दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया और बाद में प्रशासनिक स्तर पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अब शव की पहचान होने के बाद परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा शुरू कर दिया है।

घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि मनीष के गायब होने के बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन सुराग न मिलने पर सकरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उधर, मनियारी थाना पुलिस ने बिना परिजनों को सूचना दिए या शिनाख्त की पर्याप्त कोशिश किए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जब परिजनों को इस बात की भनक लगी कि रेलवे ट्रैक पर मिला शव मनीष का ही था, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का सवाल है कि पुलिस ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार क्यों किया और उन्हें शिनाख्त का मौका क्यों नहीं दिया गया।

इसी आक्रोश के चलते बुधवार को परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग (NH-28) के मारकन चौक को घंटों जाम रखा। सड़क पर उतरे लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। जाम की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

वहीं दूसरी ओर, इस हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता भी हाथ लगी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अपराधियों ने मनीष की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस अब इन अपराधियों के बयान के आधार पर हत्या के पीछे के कारणों और इस साजिश में शामिल अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मनीष के लापता होने की शिकायत पर पहले ही अनुसंधान शुरू कर दिया गया था, लेकिन दो थानों के बीच समन्वय की कमी या शिनाख्त न हो पाने के कारण शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि हत्यारों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा और इस पूरी प्रक्रिया में अगर पुलिस की ओर से कोई बड़ी चूक हुई है, तो उसकी भी जांच होगी। 

मणिभूषण की रिपोर्ट