Bihar Accident:मुजफ्फरपुर में बया नदी बनी काल, नहाने गए चार किशोरों में तीन की डूबकर मौत, चौथे ने तैरकर बचाई जान, इलाके में पसरा मातम

Bihar Accident: बया नदी में नहाने गए चार किशोरों में से तीन की डूबने से मौत हो गई, जबकि चौथा बच्चा किसी तरह तैरकर नदी से बाहर निकल आया...

बया नदी बनी काल,- फोटो : reporter

Bihar Accident: मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज नगर परिषद क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बया नदी में नहाने गए चार किशोरों में से तीन की डूबने से मौत हो गई, जबकि चौथा बच्चा किसी तरह तैरकर नदी से बाहर निकल आया और उसने घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को दी। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और परिजनों में कोहराम मच गया।यह हृदयविदारक घटना बैद्यनाथपुर शिवालय मंदिर के सामने स्थित बया नदी की है। मृतकों की पहचान साहेबगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-8 निवासी गुड्डू साह के 14 वर्षीय पुत्र अमृत कुमार, मनोज साह के 12 वर्षीय पुत्र साहिल उर्फ झुन्नू और मोहम्मद ऐनुल के 13 वर्षीय पुत्र मोहम्मद रेहान के रूप में हुई है।वहीं, मोहम्मद मुन्ना का 13 वर्षीय पुत्र गुड्डू इस हादसे में बाल-बाल बच गया। बताया जा रहा है कि जब वह भी गहरे पानी में फंस गया था, तब उसने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह तैरकर नदी से बाहर निकल आया।

जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर चारों किशोर बया नदी में नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान वे धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चले गए। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण तीन बच्चे डूबने लगे। गुड्डू ने किसी तरह खुद को संभाला और तैरकर बाहर आ गया, लेकिन अमृत, साहिल और रेहान को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे नदी में समा गए।

नदी से बाहर निकलने के बाद गुड्डू ने स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। करीब दो से तीन घंटे तक लगातार खोजबीन के बाद काफी मशक्कत से तीनों बच्चों के शव नदी से बाहर निकाले गए।

इसके बाद तीनों को साहेबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही साहेबगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।

स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद एनडीआरएफ की टीम कई घंटों तक मौके पर नहीं पहुंची, जिसके कारण स्थानीय लोगों को ही अपने स्तर पर बच्चों की तलाश करनी पड़ी।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे साहेबगंज इलाके में मातम पसरा हुआ है। तीन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग भी इस घटना से गमगीन हैं।पुलिस ने मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर नदी और जलस्रोतों में नहाने के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जाती रही है कि गहरे पानी वाले स्थानों पर बच्चों को अकेले न जाने दें, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा