Bihar News: बिहार पुलिस के जवान करते हैं अवैध वसूली! वीडियो वायरल होने से हड़कंप, 2 निलंबित
Bihar News: बिहार पुलिस के जवानों पर गंभीर आरोप लगा है। दरअसल, नवादा जिले के रजौली समेकित जांच चौकी एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। 27 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में गृह रक्षा वाहिनी के दो जवानों को ट्रक चालक से कथित तौर पर अवैध वसूली करते देखा गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों जवान जितेंद्र पुरी और सिद्धनाथ प्रसाद को स्पष्टीकरण लेने के उपरांत अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने उठाए बड़े सवाल
हालांकि, इस कार्रवाई के बावजूद स्थानीय लोगों और ट्रक चालकों में नाराजगी बनी हुई है। उनका कहना है कि यह सिर्फ औपचारिक कार्रवाई है, जबकि चेकपोस्ट पर अवैध वसूली का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है। रजौली चेकपोस्ट बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित एक अहम पॉइंट है, जहां ओवरलोडिंग, परमिट और टैक्स की जांच होती है। आरोप है कि यहां ओवरलोड वाहनों को छोड़ने, बिना परमिट गाड़ियों को पास कराने और अवैध माल ले जाने के बदले मोटी रकम वसूली जाती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 में भी इसी चेकपोस्ट से वसूली का वीडियो सामने आया था, जिसके बाद 11 होमगार्ड जवानों को निलंबित किया गया था। इसके बावजूद व्यवस्था में कोई ठोस बदलाव नहीं दिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि निचले स्तर के कर्मी सिर्फ “फ्रंट” होते हैं, जबकि वसूली की बड़ी राशि ऊपर तक पहुंचती है। आरोप यह भी है कि कई कम वेतन वाले कर्मी कुछ ही वर्षों में करोड़पति बन गए हैं।
गहन जांच की मांग तेज
ट्रांसपोर्टरों और नागरिकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसमें सीसीटीवी फुटेज की जांच, संबंधित कर्मियों की संपत्ति और बैंक खातों की पड़ताल, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच शामिल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल निलंबन तक सीमित न रहकर पूरे सिस्टम में पारदर्शिता लाई जाए। इसके लिए डिजिटल चालान प्रणाली, सख्त निगरानी और अचानक छापेमारी जैसे कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि ट्रक चालकों का शोषण रोका जा सके।
नवादा से अमन की रिपोर्ट