Cabinet Decision : बिहार में तीन नए सड़कों के निर्माण को कैबिनेट ने दी मंजूरी, सोनपुर, बक्सर और गयाजी के लिए सुगम होगी यातायात

Cabinet Decision : बिहार में तीन सड़कों के निर्माण को राज्य मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है. इसके बन जाने से सोनपुर, बक्सर और गयाजी के लिए यातायात सुगम हो जाएगी.......पढ़िए आगे

Cabinet Decision : बिहार में तीन नए सड़कों के निर्माण को कैबि
सोनपुर, बक्सर और गयाजी के लिए नई सड़क - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना के आसपास के तीन प्रमुख शहरों में सुचारू यातायात व्यवस्था बहाल करने और इसकी कनेक्टिविटी पटना समेत अन्य शहरों से बेहतर करने के लिए तीन प्रमुख सड़क सर्किट का निर्माण होगा। इन सड़कों का निर्माण गंगा नदी के पास कराया जाएगा। इन तीनों सड़कों का निर्माण पीपीपी डीबीएफओटी टॉल मोड पर कराया जाएगा। यानी इसका निर्माण चयनित निजी कंपनी करेगी। इसमें राज्य सरकार सिर्फ जमीन समेत अन्य जरूरी संसाधन मुहैया कराएगी। निजी कंपनी इस सड़क से निर्धारित टॉल वसूलकर अपना मुनाफा वसूलेगी। इस महत्वपूर्ण एजेंडा पर कैबिनेट की बैठक में सहमति बनी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में 63 एजेंडों पर मुहर लगी। कैबिनेट में लिए गए निर्णयों के बारे में विस्तृत जानकारी सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने दी। उनके साथ संबंधित विभागों के सचिवों ने भी अपने-अपने विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से प्रकाश डाला। 

इस मौके पर पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि सारण जिला के अंतर्गत दरिहारा (कोन्हुआ) से गोपालगंज में डुमरिया घाट के बीच 4 लेन ग्रीनफिल्ड सड़क को मंजूरी दी गई है। इसकी लंबाई 73.51 किमी है। इनका क्रियान्वयन बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से कराया जाएगा। यह नई सड़क सोनपुर स्थित प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर के साथ बन रहे हरिहरनाथ कॉरिडोर और प्रस्तावित नए एयरपोर्ट को भी जोड़ेगी। इसका नाम नारायणी पथ होगा। सचिव ने कहा कि बक्सर से आरा-मनेर होते हुए कोईलवर तक गंगा किनारे एक नई सड़क बनाई जाएगी। इसकी लंबाई 90 किमी होगी। इसका नाम विश्वामित्र गंगा पथ रखा गया है। इसे पटना स्थित जेपी गंगा पथ से जोड़ा जाएगा। इसके तैयार होने से पटना से बक्सर और आगे तक जाने में लोगों को काफी सुविधा होगी। इसके अलावा गयाजी में कोठवारा बाजार से इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के बीच गम्हरिया सामुदायिक भवन के पास फल्गु नदी पर दो लेन का आरसीसी पुल सह पहुंच पथ का निर्माण कराया जाएगा। इसके निर्माण पर 113 करोड़ 84 लाख रुपये का अनुमान है। इसका नाम गयाजी अंबिका पथ रखा गया है। इस पथ की संपर्कता डोभी-चतरा एनएच-99 से भी होगी। साथ ही गया में तैयार हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर से भी यह जुड़ा होगा, जिससे उद्योग लगाने वालों को कहीं से भी आने-जाने में काफी सुविधा होगी। 

अपर मुख्य सचिव चौधरी ने बताया कि पटना शहरी क्षेत्र में शहरी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शहरी प्रबंधन इकाई के अंतर्गत एएसपी (नगर व्यवस्था) का पद सृजित किया गया है। इसका काम मुख्य रूप से पुलिसिंग के दृष्टिकोण से बेहतर अनुश्रवण एवं सतत निगरानी तथा पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पाल ने कहा कि अब सभी तरह के 25 लाख से 50 करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में राज्य सरकार स्थानीय ठेकेदारों को तवज्जो देगी या ऐसे संवेदकों को ये कार्य दिए जाएंगे, जो स्थानीय निवासी हैं। अगर किसी कंपनी को यह कार्य दिया गया, तो उसमें 51 फीसदी शेयर होल्डर बिहार के लोगों का होना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार की तरफ से हाल में 1 करोड़ रोजगार और नौकरी देने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार ने कहा कि सात निश्चय-3 में उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य के अंतर्गत सभी जिला स्कूल और प्रत्येक प्रखंड में चयनित एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय (मॉडल स्कूल) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 800 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव दिवेश सेहरा ने बताया कि पहले ग्रामीण सड़कों और पुलों का निर्माण पैकेज के तौर पर होता था। यानी किसी एक क्षेत्र में बनने वाले सभी सड़कों और पुलों को समेकित रूप से एक पैकेज बनाकर इनका टेंडर किया जाता था। परंतु अब इनका अलग-अलग योजनावार टेंडर करके निर्माण कराया जाएगा। 

ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के अंतर्गत राज्य सरकार की तरफ से 23 हजार 165 करोड़ रुपये अनुदान के तौर पर स्वीकृत करते हुए अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक के लिए प्रति महीने 1500 करोड़ रुपये की दर से जारी करने की अनुमति दी गई है। यह राशि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से सीधे एनटीपीसी लिमिटेड को दी जाएगी। यह पहल लोगों को सस्ती दर और प्रत्येक महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली मुहैया कराने के लिए की गई है। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों के भवन निर्माण से जुड़ी योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए जमीन अधिग्रहण की अमुमति और राशि जारी करने की अनुमति प्रदान की गई है।