नवादा सदर अस्पताल बना जंग का अखाड़ा, ननद-भाभी के विवाद में जमकर चले बेल्ट और लात-घूंसे

ननद और भौजाई के बीच का विवाद अस्पताल तक पहुंच गया। सदर अस्पताल में जमकर लात-घूसे चले। घटना में दोनो पक्षों के 6 लोग घायल हुए है। सबसे बड़ी बात यह है कि सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में यह घटना हुई.....

नवादा सदर अस्पताल बना जंग का अखाड़ा- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले का सदर अस्पताल सोमवार को उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब इमरजेंसी वार्ड के भीतर ही ननद और भाभी के बीच पुराना घरेलू विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। ननद गुलअफशा परवीन और भाभी चांदनी खातून के परिजनों के बीच देखते ही देखते खूनी संघर्ष शुरू हो गया। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद मरीज और उनके तीमारदार दहशत में आ गए। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक महिला पर बेल्ट से ताबड़तोड़ वार करता नजर आ रहा है।


जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ में दोनों परिवारों के बीच चल रही पुरानी रंजिश है। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए और जमकर लात-घूंसे चले। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार उसी अस्पताल में किया जा रहा है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस मारपीट ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हंगामे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद दोनों गुटों को शांत कराया।


झगड़े के कारणों को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। ननद गुलअफशा परवीन ने अपनी भाभी चांदनी खातून पर किसी गैर युवक से मेल-मुलाकात करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसे लेकर परिवार में तनाव था। वहीं, दूसरी ओर भाभी चांदनी खातून का कहना है कि विवाद का असली कारण 50 हजार रुपये के लेनदेन से जुड़ा है। पैसों के विवाद को लेकर ही ननद के परिवार वालों ने उन पर जानलेवा हमला किया। आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच अस्पताल में काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही।


इमरजेंसी वार्ड के अंदर सरेआम हुई इस हिंसा ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि जहां गंभीर मरीजों का इलाज होता है, वहां इस तरह का खूनी संघर्ष होना सुरक्षा में बड़ी चूक है। पुलिस की मौजूदगी के बाद मामला शांत तो हुआ, लेकिन अस्पताल परिसर में तनाव बरकरार है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक जिस तरह से बेल्ट निकाल कर महिलाओं को पीट रहा था, उससे साफ पता चलता है कि अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है।


पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत या आवेदन नहीं दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों और वायरल वीडियो के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अस्पताल में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट