निर्विरोध निर्वाचित हुए 10 एमएलसी, नीतीश के बेटे निशांत ने सर्टिफिकेट लेते ही किया ऐलान- तीन चीज से समझौता नहीं

जदयू) से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद भाजपा से पवन सिंह, संजय मयूक, अनिल कुमार ठाकुर और शीला प्रजापति, चिराग की पार्टी से अशरफ अंसारी जबकि राजद से सुनील कुमार सिंह

Nishant /Bihar MLC Election- फोटो : news4nation

Bihar MLC Election :  बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में सभी 10 उम्मीदवार गुरुवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। निर्वाचित उम्मीदवारों को विधानसभा परिसर में निर्वाचन प्रमाणपत्र सौंपा गया। इस दौरान जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत भी एमएलसी निर्वाचित हुए। निर्वाचन प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद निशांत कुमार ने कहा कि वे अपने राजनीतिक जीवन में तीन चीजों अपराध (Crime), भ्रष्टाचार (Corruption) और सांप्रदायिकता (Communalism) से कभी समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने एमएलसी चुने जाने पर मुख्यमंत्री एवं पार्टी नेताओं के साथ सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। 


निशांत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली और सड़क जैसे क्षेत्रों में व्यापक काम किया है। उनके नेतृत्व में बिहार ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए और देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण, जल-जीवन-हरियाली अभियान और शराबबंदी जैसी योजनाएं बिहार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भी राज्य विकास की राह पर आगे बढ़ता रहेगा।


ये 10 उम्मीदवार हुए निर्विरोध निर्वाचित

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों में शामिल हैं: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद। वहीं  भाजपा से भोजपुरी स्टार पवन सिंह, संजय मयूक, अनिल कुमार ठाकुर और शीला प्रजापति, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से अशरफ अंसारी जबकि राजद से सुनील कुमार सिंह को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है।


क्यों नहीं हुआ मतदान

दरअसल, उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर रहने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। 10 में से 8 ऐसे एमएलसी बने हैं जो पहली बार विधान परिषद में जा रहे हैं।