गजब : डॉक्टर को यकीन दिलाने के लिए जिंदा सांप को ही डिब्बे में बंद कर अस्पताल पहुंचे परिजन, मची अफरातफरी

नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर गांव में सर्पदंश का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों को पहचान कराने के लिए परिजन जिंदा सांप को डिब्बे में बंद कर सदर अस्पताल पहुंच गए...

गजब : डॉक्टर को यकीन दिलाने के लिए जिंदा सांप को ही डिब्बे म
जिंदा सांप को लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन- फोटो : राज

Nalanda : जिले से सर्पदंश (सांप काटने) का एक बेहद हैरान करने वाला और अनोखा मामला सामने आया है। जिले के रहुई थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर गांव में एक युवक को सांप ने काट लिया। इसके बाद डॉक्टरों को सांप की सही पहचान कराने और सटीक इलाज सुनिश्चित करने के लिए पीड़ित के परिजन सांप को ही जिंदा पकड़कर सदर अस्पताल बिहारशरीफ पहुंच गए। अस्पताल परिसर में जैसे ही लोगों को डिब्बे में बंद सांप के होने का पता चला, वहां कुछ देर के लिए अफरातफरी और हड़कंप का माहौल बन गया।


साहस का परिचय देकर परिजनों ने सांप को केन में किया बंद

जानकारी के अनुसार, शाहपुर गांव के रहने वाले श्रीनाथ प्रसाद को बुधवार की देर रात उनके घर में एक सांप ने डस लिया था। सांप के काटने के बाद आमतौर पर जहां लोग बुरी तरह घबरा जाते हैं, वहीं श्रीनाथ के परिजनों ने गजब के साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने सांप को भागने नहीं दिया और कड़ी मशक्कत के बाद उसे एक प्लास्टिक के केन (डिब्बे) में सुरक्षित बंद कर दिया। इसके तुरंत बाद वे घायल युवक को इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर भागे और साथ में उस डिब्बे को भी रख लिया।


अस्पताल परिसर में सांप की खबर से मचा हड़कंप

सदर अस्पताल बिहारशरीफ पहुंचने के बाद जब इमर्जेंसी वार्ड और आसपास के लोगों को यह भनक लगी कि परिजनों के हाथ में मौजूद डिब्बे के अंदर एक जिंदा सांप बंद है, तो मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच डर का माहौल पैदा हो गया। अस्पताल में अचानक मची इस हलचल की सूचना तुरंत वहां तैनात सुरक्षा गार्डों को दी गई। सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत उस डिब्बे को अपने कब्जे में लिया और अस्पताल परिसर से काफी दूर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर सांप को मुक्त कर दिया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।


जांच में सांप निकला बिना जहर का, युवक को मिली छुट्टी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच डॉक्टरों ने तुरंत पीड़ित श्रीनाथ प्रसाद का इलाज शुरू किया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि चिकित्सकों की टीम द्वारा गहन जांच के दौरान यह पाया गया कि युवक को काटने वाला सांप जहरीला नहीं था। हालांकि, डॉक्टरों ने एहतियात बरतते हुए युवक को एंटी-वेनम के ऑब्जर्वेशन और चिकित्सकीय निगरानी में कुछ घंटों के लिए रखा। जब उसकी स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई, तो उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।


दिनभर अस्पताल परिसर में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी रही घटना

यह अनोखी घटना पूरे दिन सदर अस्पताल के कर्मचारियों और आम जनता के बीच कौतूहल और चर्चा का मुख्य विषय बनी रही। अस्पताल आए लोगों का कहना था कि अमूमन सर्पदंश के मामलों में लोग घबराहट में सांप की पहचान भूल जाते हैं या उसे मार देते हैं, जिससे डॉक्टरों को एंटी-वेनम तय करने में दिक्कत होती है। लेकिन इस मामले में डॉक्टरों को प्रत्यक्ष प्रमाण देने के लिए सीधे सांप को ही उठा लाना वाकई हैरान करने वाला था।


राज की रिपोर्ट