Bihar News : बिहार में शराबबंदी पर ब्यूरो का कस रहा शिकंजा, 2026 में शराब बरामदगी में 18% का हुआ उछाल, दूसरे राज्यों में भी की गयी छापेमारी
Bihar News : बिहार में शराबबंदी पर सख्ती का असर दिखने लगा है. 2026 में शराब बरामदगी में 18% का उछाल देखने को मिला है......पढ़िए आगे
PATNA : राज्य में शराबबंदी कानून को अधिक सशक्त तरीके से लागू करने के लिए अवैध शराब के खिलाफ राज्यभर में व्यापक कार्रवाई जारी है। मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का गठन सितंबर 2025 में किया गया। इसके बाद से अवैध शराब की जब्ती में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 2024 की तुलना में 2025 में औसतन प्रतिमाह 9 फीसदी तथा 2025 के मुकाबले 2026 में औसत प्रति महीने 18 फीसदी शराब की बरामदगी की गई है। अवैध शराब के खिलाफ निरंतर की जा रही सख्त कार्रवाई के बारे में एडीजी (मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो) अमित कुमार जैन ने सरदार पटेल भवन पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी दी।
एडीजी ने बताया कि 2024 में 34 लाख 61 हजार 96 लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई, जो प्रति महीने औसतन 2 लाख 88 हजार 425 लीटर शराब जब्त की गई है। इसी तरह 2025 में 37 लाख 75 हजार 321 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। प्रति महीने औसतन 3 लाख 14 हजार 610 लीटर शराब की जब्ती हुई है। 2026 में फरवरी तक 7 लाख 41 हजार 368 लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई है। प्रतिमाह औसतन 3 लाख 70 हजार 684 लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई है। अगर सिर्फ मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के स्तर पर की गई कार्रवाई की स्थिति पर नजर डाले, तो 2025 में 10 लाख 27 हजार 741 लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई, इसका प्रति महीने औसतन 85 हजार 645 लीटर शराब की बरामदगी हुई। इसी तरह 2026 में फरवरी तक 2 लाख 47 हजार 809 लीटर अवैध शऱाब जब्त किया गया। यह औसतन प्रति महीने 1 लाख 23 हजार 905 लीटर है। राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के स्तर से सबसे ज्यादा 1 लाख 31 हजार 867 लीटर स्पिरिट बरामद की गई। जिला स्तर पर स्पिरिट की बरामदगी का यह औसत 32 हजार 688 लीटर है। इस वर्ष फरवरी महीने तक 13 हजार 811 लीटर स्पिरिट बरामद की गई है।
बिहार के बाहर जाकर स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के स्तर से भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। 2024 में राज्य के बाहर 4 छापेमारी हुई। ये सभी छापेमारी झारखंड में हुई। 2025 में राज्य के बाहर 38 छापेमारी हुई, जिसमें झारखंड में 15, उत्तर प्रदेश में 17, छत्तीसगढ़ में 4 और मध्य प्रदेश में 2 शामिल हैं। इसमें 2 लाख 27 हजार 182 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। इस दौरान 55 वाहन भी जब्त किए गए। 2026 में अब तक उत्तर प्रदेश में 2 और झारखंड में 1 छापेमारी की गई, जिसमें 25 हजार 997 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। इस दौरान 3 वाहन जब्त करने के साथ ही 5 लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
इसके अलावा 2025 में 48 हजार 780 कारोबारी या आपूर्तिकर्ता, 76 हजार 795 पीने वाले समेत 1 लाख 25 हजार 575 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इसी तरह मौजूदा वर्ष में फरवरी तक 8 हजार 72 कारोबारी और 14 हजार 755 पीने वालों को मिलाकर कुल 22 हजार 827 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। बिहार के बाहर अन्य राज्यों से 2025 में 17 और 2026 में 2 बड़े शराब कारोबारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
एडीजी ने बताया कि मद्यनिषेध के मामलों में 2025 के दौरान 152 कांड में 203 लोगों को सजा दिलाई गई है। इसमें 2 को आजीवन कारावास, 20 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा और 177 को 10 वर्ष से कम की सजा दी गई है। 2026 में 10 कांड में 12 लोगों को सजा दी गई है। इसके अलावा मादक पदार्थों की बरामदगी भी तेजी हो रही है। इस वर्ष फरवरी तक 7 हजार 415 किलो गांजा, 14 किलो चरस, 8.64 किलो हेरोइन या ब्राउन सुगर, 53 किलो डोडा के अलावा 50 हजार 439 कैप्सूल, 15 हजार 774 पीस इंजेक्शन और 9 हजार 743 लीटर कफ सिरप की बरामदगी की गई है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों को मादक पदार्थ एक्ट के अंतर्गत की गई कार्रवाई से जुड़े मानक संचालन नियमावली भेज दी गई है। ताकि इसके आधार पर कार्रवाई की जा सके।