Patna News: जिस मां ने 9 महीने कोख में रखा, उसी को बेटे ने घर से निकाला! 81 साल की बुजुर्ग 3 महीने से सड़क किनारे जिंदगी काटने को है मजबूर,मंत्री तक पहुंचा मामला
Patna News: पटना सिटी से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है।...
Patna News: पटना सिटी से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जिस मां ने अपने बच्चे को नौ महीने तक अपनी कोख में रखा और जिंदगी भर उसे सहारा दिया, वही मां बुढ़ापे में सड़क किनारे जिंदगी गुजारने को मजबूर है। खाजेकलां थाना के पास पिछले करीब तीन महीने से 81 वर्षीय शांति देवी खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। वृद्ध महिला का आरोप है कि उनके बेटे अशोक कुमार ने उन्हें घर से बाहर कर दिया, जिसके बाद उनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा।
शांति देवी, पति स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद, टिकिया टोली की रहने वाली बताई गई हैं। उम्र के इस पड़ाव पर जहां उन्हें परिवार का सहारा और सुकून मिलना चाहिए, वहां वह सड़क किनारे जिंदगी काट रही हैं। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर भोजन तक के लिए उन्हें दूसरे लोगों की मदद पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
खाजेकलां थाना के आसपास सड़क किनारे मोची का काम करने वाले इंद्रजीत दास ने बताया कि वह करीब तीन महीने से शांति देवी को इसी जगह देख रहे हैं। उन्होंने अपनी हैसियत के मुताबिक बुजुर्ग महिला के लिए खाने-पीने का इंतजाम किया। आसपास रहने वाले कुछ अन्य लोग भी समय-समय पर उनकी मदद करते हैं।शांति देवी का कहना है कि बेटे द्वारा घर से निकाले जाने के बाद उनके सामने सड़क को ही ठिकाना बनाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। बढ़ती उम्र और कमजोर स्थिति के कारण खुले में रहना उनके लिए बेहद मुश्किल है।अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के मौके पर यह मामला बिहार की समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता तक पहुंचा। मंत्री पटना सिटी स्थित ‘अपना घर’ वृद्धाश्रम पहुंचीं, जहां उन्होंने बुजुर्गों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
इसी दौरान पत्रकारों ने उन्हें खाजेकलां थाना के पास सड़क किनारे रह रही शांति देवी की स्थिति की जानकारी दी। मामला सुनते ही मंत्री ने इसे गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई और सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्ध महिला को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों को महिला की स्थिति की पूरी जानकारी लेकर जरूरी मदद मुहैया कराने को कहा गया है।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर मामले में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि प्रशासन शांति देवी को सुरक्षित आश्रय और जरूरी सहायता कब तक उपलब्ध कराता है।