Bihar News : पटना में अनुसूचित जाति वंचित समुदाय का हुआ महासम्मेलन, आरक्षण में वर्गीकरण की मांग का मिला पुरजोर समर्थन, गांधी मैदान में बड़ी रैली का ऐलान
Bihar News : पटना स्थित जगजीवन राम शोध संस्थान के सभागार में अनुसूचित जाति के वंचित समुदायों के प्रतिनिधियों का एक दिवसीय महासम्मेलन आयोजित किया गया.......पढ़िए आगे
PATNA : पटना के जगजीवन राम शोध संस्थान के सभागार में अनुसूचित जाति के वंचित समुदाय के प्रतिनिधियों का महासम्मेलन किया गया। जिसकी अध्यक्षता त्रिलोकी कुमार और संचालन अधिवक्ता शंकर मांझी ने किया। जिसमें पूरे बिहार प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हुए समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हुए और एक मत से जीतन राम मांझी और संतोष मांझी के मांग आरक्षण में वर्गीकरण का समर्थन किया। साथ ही बापू सभागार या पटना के गांधी मैदान में वंचित समुदाय महासम्मेलन करने का निर्णय लिया गया। अनुसूचित जाति-जनजाति के आरक्षण में वर्गीकरण को समय की मांग बताते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के प्रतिनिधि एवं मुशहर भुइया सेवा संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य ई. नंदलाल मांझी ने बिहार सरकार से सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ समाज के सबसे अंतिम पायदान पर रहने वाले समुदायों तक पहुंचाने के लिए सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
नंदलाल मांझी ने कहा कि आजादी के 80 वर्ष बाद भी अनुसूचित जाति-जनजाति की बड़ी आबादी विकास की मुख्यधारा से वंचित है और जीवन की मूलभूत सुविधाओं तथा समान अवसरों के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में मुशहर समाज की आबादी 50 लाख से अधिक है, लेकिन आज तक समाज से पर्याप्त संख्या में आईएएस और आईपीएस अधिकारी नहीं बन पाए हैं। 18 अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग में आज भी साक्षरता दर 14 परसेंट प्रतिशत है काई वर्ग आज भी नौकरी में कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिखाई देता है जल्द ही गांधी मैदान पटना में आरक्षण में वर्गीकरण के समर्थन में महादलित परिवार और वंचित समुदाय का सम्मेलन किया जाएगा। कोटा में कोटा लागू करने की आवश्यकता है।
अनुसूचित जाति वंचित समुदाय के सभी प्रतिनिधि जिसमें टुल्लू रावत, औरंगाबाद मुकेश मांझी, डॉ. हुलेश मांझी, डॉक्टर संजय वाल्मीकि, त्रिलोकी कुमार, ज्ञानती नट, रविंद्र राजवंशी, शिवाजी बाशा किशनगंज, उमेश माझी, राजेंद्र नट, कमल करोड़ी, रामप्रवेश तुरी, दुर्गा प्रसाद कंचन सहित सभी वंचित समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हुए और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार सरकार के मंत्री संतोष मांझी के वर्गीकरण की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बिहार प्रशासनिक सेवा की 70वीं परीक्षा में भी मुशहर समाज से किसी अभ्यर्थी के चयनित नहीं होने की बात सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी आवासीय विद्यालयों में नामांकन तथा अंबेडकर प्लस-टू छात्रावासों में मुशहर-महादलित समाज के बच्चों को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी और समान अवसर सुनिश्चित करना जरूरी है।
ई.नंदलाल मांझी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की मूल भावना समता और समानता को धरातल पर लागू करने के लिए वंचित समुदायों को आगे बढ़ने का अवसर देना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में अत्यंत पिछड़े समुदायों की स्थिति को देखते हुए आरक्षण के लाभ का न्यायपूर्ण वितरण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन यदि आरक्षण में वर्गीकरण की बात कर रहे हैं तो इसका उद्देश्य सभी समुदायों को समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है। समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए वर्गीकरण सकारात्मक कदम साबित हो सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरक्षण में वर्गीकरण को लागू किया जाए, ताकि वंचित समुदायों को शिक्षा, रोजगार और विकास के समान अवसर मिल सकें।