नकली दवा मामले में कोर्ट से बरी होने के बाद भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा का विपक्ष पर तीखा हमला: "क्या अब सभी माफी मांगेंगे?"

नकली दवा बनाने और बेचने के आरोप मामले में बीजेपी विधायक व पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा कोर्ट से निर्दोष करार दिए गए है। अदालत से वरी होने के बाद जीवेश मिश्रा ने विपक्ष पर करारा हमला बोला है....

बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा का विपक्ष पर बड़ा हमला- फोटो : अभिजीत

Patna : भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा नकली  दवा बनाने और बेचने के लगे आरोप में कोर्ट से बरी हो गए है। कोर्ट का फैसला आने के बाद उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला है। सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने उन पर नकली दवा बेचने और नकली दवा बनाने का सरगना होने का झूठा आरोप लगाया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले का जिक्र उन्होंने पहले ही 2015 के अपने चुनावी हलफनामे में कर दिया था और मामला न्यायालय के विचाराधीन था।


पप्पू यादव, तेजस्वी, प्रशांत किशोर और रोहिणी आचार्य पर साधा निशाना

जीवेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद बिना किसी तथ्य की जानकारी के सांसद पप्पू यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, रणनीतिकार प्रशांत किशोर और लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य (सिंगापुर से ट्वीट कर) उनके खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करने लगे थे। यहां तक कि एक पूर्व आईपीएस अधिकारी ने भी उनके खिलाफ बयान दिए थे।


जनता ने दिया करारा जवाब, कोर्ट से मिली राहत

विधायक ने कहा कि विरोधियों ने उन्हें जाले विधानसभा क्षेत्र में घेरने की तमाम कोशिशें कीं, लेकिन जाले की देवतुल्य जनता ने सच्चाई का साथ देते हुए उन्हें तीसरी बार भारी मतों से विजयी बनाया। अब न्यायालय ने उन्हें इस मामले में पूरी तरह से बरी कर दिया है, जिसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उनके खिलाफ झूठा दुष्प्रचार करने वाले सभी नेता अब उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे?


कांग्रेस पार्टी पर तीखी टिप्पणी

कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए जीवेश मिश्रा ने कहा कि उनके सारे वकील आतंकवादियों और उपद्रवियों को बचाने का काम करते हैं। ये लोग बिना किसी मामले की तहकीकात किए बयानबाजी शुरू कर देते हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि क्या उन्हें देश की न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है?


देश के हालात और संस्थाओं पर बात

देश के मौजूदा हालातों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग स्थिति से वाकिफ हैं। मुख्य न्यायाधीश (CJI) के पास जाने के लिए भी एक निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया (सुप्रीम कोर्ट के जरिए) का पालन करना होता है, जबकि देश में किसी भी नीति या विषय पर असहमति होने पर सीधे राष्ट्रपति से भी मुलाकात की जा सकती है।


अभिजीत की रिपोर्ट