Bihar Land Survey: अब जमीन के झगड़े खत्म करने की तैयारी, बिहार में एआई से होगा भूमि सर्वे,तेज, पारदर्शी और तय समय में होगा बंदोबस्त
Bihar Land Survey: राज्य में भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों को तेज और विश्वसनीय बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का सहारा लिया जाएगा।...
Bihar Land Survey: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर अक्सर विवाद और लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया की शिकायतें सामने आती रही हैं। लेकिन अब सरकार ने इस व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों को तेज और विश्वसनीय बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का सहारा लिया जाएगा। इस संबंध में बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एआई तकनीक के इस्तेमाल से राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाएगा। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक अपनाने से जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को सरल, त्वरित और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकेंगी।
सरकार का मानना है कि एआई आधारित कार्यप्रणाली से न सिर्फ विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि भूमि सर्वेक्षण का काम भी तय समय सीमा में पूरा करना संभव हो सकेगा। इसी दिशा में भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने राज्य के सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत द्वारा जारी पत्र के मुताबिक, जिलों के बंदोबस्त कार्यालयों में एआई सेल का गठन किया जाएगा। इस सेल की अध्यक्षता बंदोबस्त पदाधिकारी करेंगे, जबकि इसमें आईटी प्रबंधक, विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (आईटी/इंजीनियरिंग), विशेष सर्वेक्षण कानूनगो और विशेष सर्वेक्षण अमीन सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
निर्देश के अनुसार यह समिति हर शनिवार दोपहर 3 से 5 बजे तक बैठक करेगी और एआई टूल्स के उपयोग, प्रशिक्षण और तकनीकी फैसलों पर चर्चा करेगी। साथ ही संबंधित कर्मियों को एआई आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा और परीक्षा के बाद उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 1 अप्रैल 2026 से बंदोबस्त कार्यों में एआई आधारित टूल्स का प्रारंभिक उपयोग शुरू कर दिया जाए। इसके लिए विभागीय कर्मियों में जागरूकता बढ़ाने और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है।
यह पहल इंडिया एआई मिशन और राज्य में चल रहे बिहार एआई मिशन के अनुरूप की जा रही है, ताकि राजस्व प्रशासन को तकनीक आधारित, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। सरकार का कहना है कि एआई के उपयोग से कार्यों की गति बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया बेहतर होगी और संभावित त्रुटियों या अनियमितताओं की पहचान भी आसानी से हो सकेगी। इससे सर्वेक्षण और बंदोबस्त से जुड़े कामों की मॉनिटरिंग आसान होगी और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे किए जा सकेंगे।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि एआई तकनीक का अधिकतम उपयोग कर नीतीश कुमार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत ईज़ ऑफ लिविंग के लक्ष्य को साकार करने में राजस्व प्रशासन अग्रणी भूमिका निभाए। कुल मिलाकर, बिहार में भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में यह तकनीकी पहल आने वाले समय में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने और प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।