ए.एन. सिन्हा संस्थान के कर्मियों को बड़ी राहत: शिक्षा विभाग ने वेतन मद में जारी की भारी-भरकम राशि
बिहार सरकार ने ए.एन. सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान, पटना के कर्मियों के वेतन के लिए ₹2,99,52,000 की राशि विमुक्त की है। उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें
Patna - : बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राजधानी पटना स्थित प्रतिष्ठित अनुग्रह नारायण सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान (ANSISS) के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर दी है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संस्थान के कर्मियों के वेतन और अन्य भत्तों के भुगतान हेतु सहायक अनुदान मद में करोड़ों की राशि स्वीकृत कर विमुक्त कर दी है। सरकार के इस कदम से संस्थान में कार्यरत शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मियों के बीच लंबे समय से बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है और उन्हें समय पर वेतन मिलना सुनिश्चित हो गया है।
वेतन मद में सहायक अनुदान की विमुक्ति
उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव अजीत कुमार सिंह द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह राशि 'स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय' के अंतर्गत आवंटित की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अनुदान केवल संस्थान के कर्मियों और पदाधिकारियों के वेतनादि भुगतान के लिए ही उपयोग में लाया जा सकता है। स्वीकृत राशि को सचिवालय कोषागार, विकास भवन से CFMS (कंप्रिहेंसिव फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से सीधे संस्थान के बैंक खाते में हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया है।
वित्तीय पारदर्शिता और सख्त शर्तें
राशि की विमुक्ति के साथ ही विभाग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि संस्थान को इस राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate) और विस्तृत अंकेक्षण प्रतिवेदन (Audit Report) समय सीमा के भीतर विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (CAG) और राज्य के वित्त (अंकेक्षण) विभाग को इस खर्च के ऑडिट का पूर्ण अधिकार दिया गया है ताकि सरकारी धन के सदुपयोग की निगरानी की जा सके।
बजटीय प्रावधान और विभागीय तालमेल
यह वित्तीय स्वीकृति वित्त विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के आपसी समन्वय और पूर्व में निर्धारित पत्रांकों के आलोक में दी गई है। सरकार ने यह भी सख्त निर्देश दिया है कि स्वीकृत राशि का किसी भी परिस्थिति में अन्य मदों में विचलन (Diversion) नहीं किया जाएगा। इस आदेश को निर्गत करने से पहले माननीय मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग और वित्त विभाग का विधिवत अनुमोदन प्राप्त किया गया है, जो इस संस्थान के सुचारू संचालन के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
संस्थान का महत्व और रिसर्च
अनुग्रह नारायण सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान बिहार का एक गौरवशाली अनुसंधान केंद्र है, जिसकी स्थापना 1958 में महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा की स्मृति में की गई थी। यह संस्थान सामाजिक विज्ञान, आर्थिक विकास और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में राज्य सरकार के लिए एक प्रमुख सलाहकार की भूमिका निभाता है। सरकार द्वारा समय पर वेतन मद में राशि विमुक्त करने से यहाँ चल रहे महत्वपूर्ण शोध कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों में निरंतरता बनी रहेगी, जिससे राज्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया को बल मिलेगा।