बरबीघा में स्वास्थ्य मंत्री का जोरदार स्वागत, श्री बाबू की प्रतिमा पर न चढ़ने को लेकर चर्चाएं तेज
बरबीघा के श्री बाबू चौक पर कार्यकर्ताओं द्वारा स्वास्थ्य मंत्री का भव्य स्वागत किया गया।हालांकि,बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण न कर पाने को लेकर कई चर्चाएं रहीं,जिसकी मुख्यवजह उनके पैर में आई मोच बताई जा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का बरबीघा नगर क्षेत्र के श्री बाबू चौक पर जदयू कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। वे सड़क मार्ग से होते हुए पटना की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनका काफिला बरबीघा पहुंचा, कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक 'निशांत कुमार जिंदाबाद' के नारे लगाए और उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया।
श्री बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण को लेकर चर्चा
स्वागत के बाद निशांत कुमार बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए गोलंबर की सीढ़ियां चढ़े। हालांकि, कुछ सीढ़ियां चढ़ने के बाद वे बिना माल्यार्पण किए ही नीचे उतर आए, जिससे मौके पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। यद्यपि, उन्होंने नीचे से ही श्री बाबू के चरणों में पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
पैर में मोच और तेज दर्द बनी मुख्य वजह
माल्यार्पण न कर पाने की वजह पार्टी सूत्रों द्वारा स्पष्ट की गई। मिली जानकारी के अनुसार, दो दिन पूर्व देवघर में उनके काफिले के साथ हुई दुर्घटना में उनके पैर में मोच आ गई थी। पैर में दर्द के बावजूद वे सीढ़ियां चढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन अचानक तेज दर्द उठने के कारण वे ऊपर तक नहीं जा सके और उन्हें बीच से ही वापस लौटना पड़ा।
बिना मीडिया से बात किए पटना रवाना
सीढ़ियों से नीचे उतरने के बाद वहां मौजूद पत्रकारों ने उनसे बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन वे बिना कोई जवाब दिए सीधे अपनी गाड़ी में सवार होकर पटना के लिए रवाना हो गए। इस स्वागत कार्यक्रम के दौरान डॉ. आनंद कुमार, जदयू नगर अध्यक्ष गुरचरण कुमार, युवा नेता संतोष कुमार शंकु, संजय कुमार, समाजसेवी ए.के. मधुकर, मनीष कुमार और अमित ढोकनिया समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।