सावधान! आज 15 मिनट के लिए अंधेरे में डूबेगा पटना, शाम 7 बजे से होगा 'ब्लैक आउट' का अभ्यास

Bihar News : सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के मद्देनजर एक बेहद महत्वपूर्ण अभ्यास यानी 'ब्लैक आउट' का आयोजन किया जा रहा है। शाम 7:00 बजे से लेकर 7:15 बजे तक पूरे शहर को अंधेरे में रखने का समय निर्धारित किया गया है...

पटना में आज 'ब्लैक आउट' की बड़ी तैयारी- फोटो : अनिल कुमार

Patna : राजधानी पटना में आज, 14 मई को सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के मद्देनजर एक बेहद महत्वपूर्ण अभ्यास यानी 'ब्लैक आउट' का आयोजन किया जा रहा है। शाम 7:00 बजे से लेकर 7:15 बजे तक पूरे शहर को अंधेरे में रखने का समय निर्धारित किया गया है। कुल 15 मिनट के इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य युद्ध जैसी स्थिति, हवाई हमले या किसी बड़ी आपदा के समय नागरिकों को सुरक्षित रहने का प्रशिक्षण देना है। प्रशासन ने इस कार्यक्रम की सफलता के लिए आम जनमानस से पूर्ण सहयोग की अपील की है।


सायरन बजते ही थमेगा शहरबुझानी होगी लाइटें 

शाम सात बजते ही जैसे ही सायरन की आवाज गूंजेगी, पटना में 'ब्लैक आउट' की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस दौरान लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों की ऐसी किसी भी लाइट का इस्तेमाल न करें जिसका प्रकाश सड़क या बाहर की ओर पड़े। सड़कों पर चल रहे वाहनों को भी 15 मिनट के लिए रोक दिया जाएगा और उनकी हेडलाइट्स बंद करवा दी जाएंगी। नागरिकों से कहा गया है कि वे घरों की खिड़कियां बंद रखें ताकि अंदर जल रही मोमबत्ती या मोबाइल की हल्की रोशनी भी बाहर न फैले।


एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का दोपहर में मॉक ड्रिल 

ब्लैक आउट से पहले, आज दोपहर 3:00 बजे से ही राहत और बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास शुरू हो जाएगा। इसके तहत NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास में आपदा के समय मलबे में दबे लोगों को निकालने, घायलों को त्वरित प्राथमिक उपचार देने और कम से कम समय में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।


अस्पताल अलर्ट मोड परइमरजेंसी सेवाओं को निर्देश 

सुरक्षा के इस व्यापक अभ्यास को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने पटना के सभी सरकारी अस्पतालों को 'अलर्ट मोड' पर रहने का निर्देश दिया है। किसी भी वास्तविक आपात स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है। एम्बुलेंस सेवाओं और फायर ब्रिगेड की टीमों को भी तैयार रहने को कहा गया है ताकि मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट के दौरान व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे।


जनता का सहयोग है अनिवार्य: प्रशासन की अपील 

प्रशासन का मानना है कि इस तरह के अभ्यास भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार रहने के लिए आवश्यक हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अभ्यास (ड्रिल) है, इसलिए जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अनुशासित होकर इसमें शामिल होना है। खिड़कियां बंद रखने और प्रकाश को बाहर न फैलने देने के पीछे का तर्क यह है कि हवाई हमले के समय दुश्मन को रिहायशी इलाकों का अंदाजा न लग सके।


अनिल की रिपोर्ट