Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी प्रकरण पर सम्राट चौधरी के समर्थन में उतरा भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक फ्रंट,सुधीर शर्मा का विरोधियों पर हमला,बोले- माहौल बिगाड़ने में जुटे हैं हताश लोग
Bharat Tiwari Encounter: भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक फ्रंट के अध्यक्ष सुधीर कुमार शर्मा ने कहा है कि कुछ लोग व्यक्तिगत कुंठा, हताशा और राजनीतिक स्वार्थ के कारण भरत तिवारी मामले को अलग रंग देकर सामाजिक समरसता और सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रह
Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी प्रकरण को लेकर बिहार की सियासत लगातार गर्म है। इसी बीच भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री, जनसुराज की अभियान समिति के पूर्व अध्यक्ष और भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक फ्रंट के अध्यक्ष सुधीर कुमार शर्मा ने तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा है कि कुछ लोग व्यक्तिगत कुंठा, हताशा और राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस पूरे मामले को अलग रंग देकर सामाजिक समरसता और सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। सुधीर शर्मा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति जातीय पूर्वाग्रह या किसी समाज विशेष के खिलाफ दुर्भावना का आरोप लगाना तथ्यों से परे है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री सभी वर्गों और समाजों के प्रति समान सम्मान और सद्भाव रखते हैं। उन्होंने अपील की कि संवेदनशील घटनाओं को जातीय और राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा किया जाए, ताकि सच सामने आए और समाज में अमन, भाईचारा तथा सामाजिक संतुलन कायम रह सके।
सुधीर शर्मा ने कहा कि बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं स्वीकार किया है कि मामले को संभालने में चूक हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से न्यायिक जांच का आदेश दिया गया, संबंधित पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई और विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो गई। ऐसे में कानून अपना काम कर रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर कठघरे में खड़ा कर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भरत तिवारी की कथित फर्जी मुठभेड़ में मौत किसी भी सूरत में न्यायोचित नहीं ठहराई जा सकती और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, फायरिंग और कानून को चुनौती देने वाली प्रवृत्तियों का समर्थन भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है। उनका तर्क था कि भारत जैसे संवैधानिक लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
सुधीर शर्मा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि भरत तिवारी प्रकरण को लेकर व्यक्त किया जा रहा आक्रोश क्या वास्तव में घटना को लेकर है या फिर राजनीतिक उपेक्षा की पीड़ा का परिणाम है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में हुई अन्य चर्चित घटनाओं पर उतनी मुखर प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली थी।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को निशाने पर लेते हुए शर्मा ने कहा कि यदि हथियारों के प्रदर्शन और टकराव की राजनीति को वैधता दी जाएगी तो फिर गांधीवादी राजनीति और पदयात्रा के संदेश का क्या औचित्य रह जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पूरी तरह जायज है, लेकिन किसी व्यक्ति को शहीद घोषित कर पूरे राजनीतिक तंत्र को कठघरे में खड़ा करना उचित नहीं माना जा सकता।