Bihar Assistant Professor Test: बिहार सरकार ने बनाए असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति के लिए नए नियम,ये टेस्ट कर दिए गए अनिवार्य

Bihar Assistant Professor Test:बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और शैक्षणिक दक्षता को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है।...

Bihar introduces new assistant professor rules written exam
असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति के लिए नए नियम- फोटो : social Media

Bihar Assistant Professor Test:बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और शैक्षणिक दक्षता को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। लोकभवन की ओर से तैयार ड्राफ्ट स्टैच्यूट-2026 के तहत अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक कठोर, व्यवस्थित और योग्यता आधारित होगी।

नई व्यवस्था के अनुसार अब उम्मीदवारों को केवल नेट, पीएचडी या एसईटी जैसी शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि लिखित परीक्षा, मौखिक साक्षात्कार और शिक्षण कौशल परीक्षण से भी गुजरना होगा। पूरी चयन प्रक्रिया कुल 200 अंकों की होगी, जिसमें 175 अंक लिखित परीक्षा के लिए और 25 अंक इंटरव्यू के लिए निर्धारित किए गए हैं।

लिखित परीक्षा पूरी तरह व्याख्यात्मक होगी और इसका पाठ्यक्रम यूजीसी-नेट परीक्षा के अनुरूप तय किया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उम्मीदवारों की विषयगत समझ और अकादमिक क्षमता का गहन मूल्यांकन हो सके। प्रत्येक पद के लिए लिखित परीक्षा के आधार पर तीन सर्वश्रेष्ठ अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा।इंटरव्यू प्रक्रिया को भी दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। कुल 25 अंकों में से 13 अंक केवल ऑन-स्पॉट टीचिंग स्किल टेस्ट के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिसमें अभ्यर्थियों को इंटरव्यू बोर्ड के सामने कक्षा लेकर पढ़ाना होगा। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे। शेष 12 अंक विषयगत समझ, व्यक्तित्व और संवाद क्षमता के आधार पर दिए जाएंगे।

न्यूनतम योग्यता के तौर पर संबंधित विषय में 55% अंकों के साथ मास्टर्स डिग्री और नेट/एसईटी अनिवार्य रखा गया है। हालांकि यूजीसी रेगुलेशन 2009 या 2016 के तहत पीएचडी धारकों को नेट से छूट प्रदान की जाएगी।संविदा शिक्षकों की नियुक्ति प्रणाली में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर चयन प्रक्रिया में एपीआई स्कोर, शोध कार्य, टीचिंग टेस्ट और इंटरव्यू को शामिल किया जाएगा। संविदा शिक्षकों के इंटरव्यू में 6 अंक टीचिंग स्किल और 6 अंक इंटरेक्शन के लिए निर्धारित किए गए हैं।

सरकार ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि संविदा पर नियुक्त शिक्षकों को असिस्टेंट प्रोफेसर के प्रवेश स्तर के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर एकमुश्त मानदेय दिया जाएगा, हालांकि यह नियुक्ति केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही मान्य होगी। नियमित नियुक्ति होने की स्थिति में संविदा नियुक्ति स्वतः समाप्त हो जाएगी।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया ढांचा न केवल चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा, बल्कि शिक्षण गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। इससे बिहार की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक संरचनात्मक सुधार आने की उम्मीद है, जो आने वाले वर्षों में राज्य के शैक्षणिक भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगा।