BIADA की लापरवाही से उद्यमियों का विश्वास टूट रहा, प्रशासनिक उदासीनता बनी बड़ी बाधा : देव ज्योति

Bihar News : वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने बियाडा पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि बियाडा की प्रशासनिक उदासीनता राज्य में नए निवेश को आने से रोक रही है और रोजगार सृजन की राह में बड़ी बाधा साबित हो रही है....

वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति का बियाडा पर बड़ा आरोप - फोटो : देवांशु प्रभात

Patna : विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अदालती आदेशों और उद्योग विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निवेशकों को उनके आवंटित भूखंडों का कब्जा न मिल पाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बियाडा की यही प्रशासनिक उदासीनता राज्य में नए निवेश को आने से रोक रही है और रोजगार सृजन की राह में बड़ी बाधा साबित हो रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह को एक ज्ञापन भी सौंपा है।


14 साल बाद भी मेसर्स जय माता दी कॉर्पोरेशन को नहीं मिला जमीन का कब्जा

मामले का खुलासा करते हुए देव ज्योति ने बताया कि कंपनी 'मेसर्स जय माता दी कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड' को वर्ष 2012 में पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र, पटना में एक स्टार होटल परियोजना की स्थापना के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति दी गई थी। इस परियोजना से राज्य में भारी निवेश और सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलना तय था। लेकिन आवंटन के 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी बियाडा द्वारा आज तक कंपनी को आवंटित भूमि का वास्तविक भौतिक कब्जा नहीं सौंपा जा सका है।


PHED के अवैध कब्जे और बियाडा की सुस्ती के कारण फंसा पेंच

उन्होंने बताया कि इस पूरी देरी की मुख्य वजह यह है कि आवंटित भूमि का एक बड़ा हिस्सा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के अवैध कब्जे में है। इसके कारण बियाडा ने न तो कंपनी को अंतिम आवंटन पत्र जारी किया और न ही भूमि का हस्तांतरण किया। इस लापरवाही के खिलाफ निवेशकों को पटना उच्च न्यायालय और बिहार सरकार के उद्योग विभाग की अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी, जिससे उनका कीमती समय और पैसा बर्बाद हुआ।


अपर मुख्य सचिव के आदेश की भी बियाडा ने की अनदेखी

लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, 27 अगस्त 2021 को उद्योग विभाग, बिहार के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव द्वारा एक स्पष्ट आदेश पारित किया गया था। इस आदेश में बियाडा को कड़े निर्देश दिए गए थे कि वह तीन महीने के भीतर पीएचईडी से भूमि खाली कराकर कंपनी को वास्तविक कब्जा सौंपे, या फिर उसी के समान क्षेत्रफल का कोई दूसरा वैकल्पिक भूखंड उपलब्ध कराए। हालांकि, इस स्पष्ट आदेश के सालों बाद भी बियाडा के अधिकारियों ने न तो जमीन खाली कराई और न ही कोई दूसरा प्लॉट दिया।


उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग

वीआईपी प्रवक्ता ने कहा कि इस लेटलतीफी के कारण निवेशक कंपनी को भारी आर्थिक क्षति और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। एक तरफ बिहार सरकार लगातार सूबे में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने की बात करती है, तो दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर अधिकारियों का ऐसा अड़ियल रवैया निवेशकों का भरोसा तोड़ रहा है। उन्होंने माननीय उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि बिहार में उद्योगों के अनुकूल माहौल बना रहे। साथ ही उन्होंने बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) से भी उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की है।


देवांशु प्रभात की रिपोर्ट