Bihar Teacher Salary Blocked: बिहार में 390 स्कूलों के शिक्षकों के वेतन पर रोक, 24 घंटे का अल्टीमेटम, अब कार्रवाई का इंतजार

Bihar Teacher Salary Blocked:बिहार में सरकारी स्कूलों की लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।...

बिहार में 390 स्कूलों के शिक्षकों के वेतन पर रोक- फोटो : X

Bihar Teacher Salary Blocked: बिहार में सरकारी स्कूलों की लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की 75 फीसदी उपस्थिति का ब्योरा दर्ज नहीं करने वाले 390 विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है।पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी  योगेश कुमार के इस एक्शन से शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। संबंधित विद्यालयों को 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर शत-प्रतिशत आंकड़े अपलोड करने और लिखित स्पष्टीकरण देने का फरमान जारी किया गया है।विभाग ने साफ कर दिया है कि सरकारी आदेशों की अनदेखी और कामकाज में कोताही बरतने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में जवाब नहीं देने और निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

बार-बार निर्देश के बाद भी नहीं सुधरी लापरवाही

पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, संबंधित विद्यालयों को पहले भी कई बार ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की उपस्थिति का ब्योरा दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद 390 स्कूलों में जरूरी आंकड़ों की प्रविष्टि पूरी नहीं की गई। विभाग ने इसे उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना मानते हुए जवाब-तलब किया है। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और संबंधित शिक्षकों को अब 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों को अपडेट करने के साथ यह भी बताना होगा कि निर्देशों के बावजूद काम पूरा क्यों नहीं किया गया।

75 फीसदी हाजिरी का हिसाब देना अनिवार्य

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की उपस्थिति का ब्योरा दर्ज करना विभागीय प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसके तहत विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभुक विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर निर्धारित जानकारी अपलोड करनी है। विद्यार्थियों की उपस्थिति से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित करने और योजनाओं के लाभुकों के आंकड़ों का सत्यापन करने पर जोर दे रहा है। लिहाजा, स्कूलों को उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सही जानकारी दर्ज करनी होगी।

BEO और विद्यालय अवर निरीक्षकों की भी बढ़ी जवाबदेही

इस मामले में केवल शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर ही कार्रवाई की तलवार नहीं लटकी है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) और विद्यालय अवर निरीक्षकों को भी अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों में पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।इन अधिकारियों को यह देखना होगा कि सभी संबंधित विद्यालय विद्यार्थियों की उपस्थिति का ब्योरा शत-प्रतिशत दर्ज करें। साथ ही, अपने स्तर से रिकॉर्ड का सत्यापन और अनुमोदन भी सुनिश्चित करना होगा। इससे निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और स्कूलों में जवाबदेही तय करने की कोशिश की जा रही है।

वेतन पर रोक से मचा हड़कंप, अब कार्रवाई का इंतजार

390 विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के वेतन भुगतान पर रोक का फैसला शिक्षा विभाग की सख्ती को दर्शाता है। अब संबंधित स्कूलों के सामने निर्धारित समयसीमा के भीतर पोर्टल पर आंकड़े दर्ज करने और स्पष्टीकरण देने की चुनौती है।हालांकि, आंकड़े दर्ज करने में देरी के पीछे तकनीकी समस्या या अन्य वास्तविक वजह होने पर उसका भी नियमानुसार परीक्षण जरूरी होगा। फिलहाल विभाग का जोर लंबित प्रविष्टियों को पूरा कराने, रिकॉर्ड की शुद्धता सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर है।

ब्यूरो रिपोर्ट