Earthquake: भूकंप का महातांडव! 6.1 तीव्रता के झटकों से कांपी धरती, दहशत में घरों से भागे लोग

Earthquake:रिक्टर पैमाने पर 6.1 तीव्रता के भूकंप के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों और इमारतों से निकलकर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे।...

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भूकंप का महातांडव! - फोटो : social Media

Earthquake:रिक्टर पैमाने पर 6.1 तीव्रता के भूकंप से कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। अचानक आए झटकों के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों और इमारतों से निकलकर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे।मध्य अमेरिकी देश पनामा में भूकंप के लगातार झटकों ने लोगों के बीच खौफ और बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया है। मंगलवार तड़के एक बार फिर धरती जोरदार तरीके से कांप उठी। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है, जिससे सतह पर तेज झटके महसूस किए जाने की आशंका बढ़ गई।

भारतीय समयानुसार मंगलवार सुबह करीब 4:50 बजे आए इस भूकंप ने पहले से दहशत में जी रहे लोगों की चिंता और बढ़ा दी। कई इलाकों में सड़कों और इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, नुकसान और हताहतों की आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित एजेंसियों के आंकड़ों का इंतजार करना जरूरी है।

पहले भी आए थे विनाशकारी झटके, दहशत में गुजरी रात

पनामा इससे पहले भी शक्तिशाली भूकंपों के झटके झेल चुका है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, शुक्रवार और शनिवार के दौरान 7.7 तथा 6.6 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए थे। इन झटकों के असर से राजधानी पनामा सिटी समेत कई इलाकों में लोगों के बीच दहशत फैल गई थी। मकानों और दफ्तरों की दीवारों में दरारें आने की खबरों के बाद लोग रातभर सड़कों और खुले पार्कों में शरण लेने को मजबूर हुए।

लगातार भूकंपीय गतिविधियों ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आफ्टरशॉक यानी मुख्य भूकंप के बाद आने वाले झटकों की आशंका के चलते लोग अपने घरों में लौटने से भी कतरा रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन के लिए राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करना और प्रभावित लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है।

आपातकाल के बीच राहत अभियान, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

भूकंप से पैदा हुए संकट के बीच पनामा सरकार की ओर से आपातकाल लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाना तथा प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना बताया गया है।इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी पनामा के प्रति एकजुटता जाहिर की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पनामा की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। वहीं, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति जताई।लगातार आ रहे झटकों के बीच अब सबसे बड़ी चिंता लोगों की सुरक्षा, इमारतों की स्थिति और राहत कार्यों को लेकर है। फिलहाल, भूकंप से हुए वास्तविक नुकसान की तस्वीर आधिकारिक आकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ब्यूरो रिपोर्ट