कुत्ता काटने के सर्वाधिक मामलों वाले राज्य में बिहार, अब सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश, सम्राट सरकार को करना होगा यह काम

वर्ष 2024 में बिहार में करीब 2.6 लाख डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए, जो देश में सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में गिना जा रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर बड़ा आदेश दिया है

Dog bite cases in Bihar - फोटो : news4nation

Dog Bite : कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि खतरनाक और बीमार आवारा कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है और लोगों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि है। कोर्ट ने यह भी कहा कि गरिमा के साथ जीने के अधिकार में कुत्तों के खतरे से मुक्त होकर रहने का अधिकार भी शामिल है।

टॉप 5 में बिहार 

बिहार में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में हर दिन बड़ी संख्या में लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं और यह अब गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप लेता दिख रहा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक बिहार देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां कुत्तों के काटने के मामले तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2024 में बिहार में करीब 2.6 लाख डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए, जो देश में सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में गिना जा रहा है।

महाराष्ट्र सबसे शीर्ष पर 

वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, जबकि बिहार भी इस सूची में प्रमुख राज्यों में शामिल है। पशुपालन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र और तमिलनाडु में डॉग बाइट के 4.8-4.8 लाख मामले दर्ज किए गए, जबकि गुजरात में 3.9 लाख, कर्नाटक में 3.6 लाख और बिहार में 2.6 लाख मामले सामने आए। राजधानी दिल्ली में यह आंकड़ा 0.2 लाख रहा।


बिहार सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में डॉग बाइट की घटनाओं में बीते वर्षों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। 2022-23 में बिहार में 2 लाख 7 हजार से ज्यादा लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए थे। यानी औसतन हर दिन करीब 600 से अधिक लोग डॉग बाइट के शिकार हो रहे थे। यह आंकड़ा वर्ष 2024 में भी ज्यादा नहीं बदला और कुत्तों के काटने की संख्या बिहार में  2.6 लाख रही।

पटना से सबसे ज्यादा मामला 

राजधानी Patna इस मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल रहा। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक पटना में ही 22 हजार से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए थे। इसके अलावा नालंदा, गोपालगंज, वैशाली, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में भी हजारों लोग कुत्तों के हमलों का शिकार हुए।


बिहार में भी होगा असर 

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी अदालत के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही अदालत ने आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी को लेकर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देशों को वापस लेने की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों को लेकर जो निर्देश दिया है वह बिहार में भी प्रभावी रूप से लागू करना होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार के लिए यह भी एक बड़ी चुनौती होगी कि राज्य में कुत्ते के काटने के मामलों को कम कराया जाए ताकि राज्य टॉप 5 से बाहर आये।