बिहार विधानसभा में मीडिया का विरोध, प्रेस प्रतिनिधि को रोके जाने पर पत्रकारों ने बंद की कवरेज, कैमरे रखे नीचे
Bihar Assembly Media Boycott: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा परिसर में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। एक संस्थान के प्रेस प्रतिनिधि को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं दिए जाने के विरोध में तमाम मीडिया कर्मियों ने कवरेज का ...
Bihar Assembly Media Boycott: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा परिसर में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। एक संस्थान के प्रेस प्रतिनिधि को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं दिए जाने के विरोध में तमाम मीडिया कर्मियों ने कवरेज का बहिष्कार कर दिया।
विधानसभा पोर्टिको के बाहर पत्रकारों ने अपने कैमरे नीचे रख दिए और फोटोग्राफी व वीडियो कवरेज पूरी तरह बंद कर दी। आमतौर पर जहां विधानसभा परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन और नेताओं की गतिविधियों को कैमरों में कैद करने की होड़ रहती है, वहीं आज विरोध के तौर पर मीडिया कर्मियों ने किसी भी कार्रवाई की तस्वीर नहीं ली।
जानकारी के अनुसार, एक प्रेस प्रतिनिधि को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोके जाने के बाद पत्रकारों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद मीडिया कर्मियों ने सामूहिक रूप से फैसला लेते हुए विधानसभा की गतिविधियों की कवरेज नहीं करने का निर्णय लिया।
इस दौरान विधानसभा पोर्टिको में विपक्षी विधायक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे। विपक्ष के सदस्य हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी कर रहे थे, लेकिन मीडिया कर्मियों ने उनके प्रदर्शन की भी फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं की।
पत्रकारों का कहना है कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था में पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलना चाहिए। प्रेस प्रतिनिधियों के प्रवेश को लेकर उठे इस विवाद ने विधानसभा परिसर में मीडिया की भूमिका और अधिकारों को लेकर बहस छेड़ दी है।
वहीं, विधानसभा सत्र के दौरान मीडिया कवरेज बंद होने से सदन की गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। आमतौर पर विधानसभा की हर हलचल को जनता तक पहुंचाने वाले पत्रकारों के इस कदम को एक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
अब नजर इस बात पर है कि विधानसभा प्रशासन और पत्रकारों के बीच उत्पन्न इस गतिरोध को खत्म करने के लिए क्या पहल की जाती है। फिलहाल बिहार विधानसभा परिसर में सत्ता और विपक्ष के बीच चल रही सियासी गर्मी के साथ-साथ मीडिया के विरोध ने भी माहौल को गरमा दिया है।