IAS-IPS के नाम पर ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल! 25 लाख की रिश्वत मांगने वाला कथित माफिया STF के शिकंजे में, मोबाइल में मिले अफसरों के नंबरों से मचा हड़कंप
Bihar Crime: वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर रिश्वत मांगने वाले एक कथित ट्रांसफर-पोस्टिंग माफिया को बिहार एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।...
Bihar Crime:मोतिहारी में प्रशासनिक गलियारों में ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर रिश्वत मांगने वाले एक कथित ट्रांसफर-पोस्टिंग माफिया को बिहार एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।
एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए राजन जयसवाल नामक व्यक्ति को मोकामा के पास वंदे भारत ट्रेन से गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह मोतिहारी सदर एसडीओ से ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर 25 लाख रुपये की मांग कर रहा था।बताया जा रहा है कि आरोपी व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए अधिकारियों से संपर्क करता था और बड़े अफसरों के नाम का हवाला देकर पैसे की मांग करता था। शिकायत मिलने के बाद एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने राजन जयसवाल को मोतिहारी साइबर थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। अब साइबर थाना पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
मोबाइल ने खोले राज! IAS-IPS के निजी नंबर मिलने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के निजी मोबाइल नंबर मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।प्रशासनिक महकमे में चर्चा है कि राजन जयसवाल पहले भी अधिकारियों की पोस्टिंग और थानेदारों के तबादले को लेकर सक्रिय रहा है। कुछ पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग के बाद भी उसका नाम कथित रूप से चर्चा में आया था।
सदर एसडीओ की शिकायत पर STF का एक्शन
बताया जा रहा है कि 12 जुलाई को गृह विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया था। इस तबादले में कई अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर समेत अन्य अधिकारियों की पोस्टिंग हुई थी।इसी क्रम में अरुण कुमार पांडेय को मोतिहारी सदर एसडीओ के पद पर तैनात किया गया। आरोप है कि पोस्टिंग के बाद से ही राजन जयसवाल ने एक बड़े अधिकारी के नाम पर संपर्क कर 25 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी।मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीओ ने इसकी शिकायत साइबर थाना और वरीय अधिकारियों से की। शिकायत के आधार पर एसटीएफ ने जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर नेटवर्क का खुलासा?
राजन जयसवाल की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक व्यक्ति का खेल था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? मोबाइल से मिले कथित संपर्कों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।फिलहाल साइबर थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। प्रशासनिक महकमे की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जांच में कौन-कौन से चेहरे सामने आते हैं और ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर चल रहे कथित खेल का कितना बड़ा खुलासा होता है।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार