Raghopur Boat Accident: राघोपुर हादसे के शिकार चार बच्चे NMCH में भर्ती, दो बच्चों के कई अंगों पर असर, ऑक्सीजन सपोर्ट पर इलाज, एक को किया गया डिस्चार्ज

Raghopur Boat Accident: वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में गंगा नदी पर हुए दर्दनाक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।....

राघोपुर हादसे के शिकार NMCH में चार बच्चे भर्ती- फोटो : reporter

Raghopur Boat Accident: वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में गंगा नदी पर हुए दर्दनाक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। रामपुर श्यामचंद गांव के पास मंगलवार देर रात हुए इस हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई। बताया गया कि नाव पर सवार होकर करीब 20 बच्चे भोज खाने जा रहे थे। इसी दौरान गंगा नदी में नाव फटने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। जिन घरों में बच्चों की हंसी-खुशी से रौनक रहती थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। हादसे में प्रभावित चार बच्चों को इलाज के लिए पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल  में भर्ती कराया गया था। इनमें से एक बच्चे को बुधवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, तीन बच्चों का अब भी इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इनमें दो बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि एक अन्य बच्चे का भी उपचार किया जा रहा है।

राघोपुर गांव हादसे के शिकार हुए तीन बच्चे 11 साल की अनुष्का कुमारी, 7 साल का कार्तिक कुमार, 5 साल का पूटूस कुमार नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल  के शिशु रोग विभाग की इमरजेंसी में भर्ती है। विभाग अध्यक्ष डॉ अखिलेश कुमार ने बताया कि भर्ती बच्चों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। उनके फेफड़ों में गंदा पानी चला गया है। निमोनिया के लक्षण उत्पन्न हो गए हैं। किडनी भी प्रभावित हुआ है। इन दोनों बच्चों को ऑक्सीजन पर रखा गया है। एनएमसीएच की सेंट्रल इमरजेंसी में राघोपुर हादसे से प्रभावित 48 वर्षीय सत्येंद्र राय, 55 वर्षीय वीरेंद्र कुमार रात में पहुंचे थे। उपचार के बाद यह अस्पताल से चले गए। 15 साल की अंकित की इमरजेंसी में रात में ही इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

दो बच्चों के कई अंगों पर असर, ऑक्सीजन सपोर्ट पर इलाज

NMCH के शिशु रोग विभागाध्यक्ष ने बताया कि डूबने जैसी घटनाओं में शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलने से कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। अस्पताल में भर्ती दो बच्चों के मामले में भी ऐसी जटिलताएं सामने आई हैं। दोनों बच्चों को निमोनिया हो गया है और उनकी किडनी पर भी असर पड़ा है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की निगरानी में दोनों का इलाज चल रहा है।

चिकित्सकों के मुताबिक, ऐसे मामलों में पानी में डूबने के दौरान हुई ऑक्सीजन की कमी का असर शरीर पर गंभीर हो सकता है। इसलिए बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल अस्पताल में भर्ती तीनों बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर परिजनों की उम्मीदें इलाज पर टिकी हैं।

उधर, राघोपुर में हादसे के बाद गमगीन माहौल है। रामप्रवेश राय उर्फ राजा के घर में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, लेकिन अब वहां मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। अपनों को खोने का दर्द परिवारों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा है। गांव में हर तरफ इस त्रासदी की चर्चा है और लोगों की आंखें नम हैं।

गंगा में हुआ यह हादसा ऐसा जख्म छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। एक तरफ मृत बच्चों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, तो दूसरी तरफ अस्पताल में भर्ती बच्चों के परिजन उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।

पटना सिटी से रजनीश कुमार की रिपोर्ट