Bihar Government: बिहार में CBI जांच के नियम बदले! सरकारी कर्मचारियों के मामलों में पहले सरकार की अनुमति जरूरी
Bihar Government: बिहार सरकार ने सीबीआई जांच से जुड़ी नई अधिसूचना पर स्थिति साफ की है। सरकार ने कहा कि बिहार के लोक सेवकों से जुड़े मामलों में सीबीआई जांच से पहले राज्य की पूर्व सहमति जरूरी रहेगी।
Bihar Government: बिहार में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई की जांच से जुड़े अधिकारों को लेकर राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। गृह विभाग की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना में सीबीआई को कुछ निर्धारित श्रेणी के अपराधों की जांच के लिए राज्य में सहमति दी गई है। सरकार ने साफ कहा है कि इस आदेश का मतलब यह नहीं है कि बिहार सरकार के कर्मचारियों या राज्य सरकार के नियंत्रण वाली संस्थाओं से जुड़े मामलों में सीबीआई को बिना अनुमति जांच का अधिकार मिल गया है।
गृह विभाग ने जारी की नई अधिसूचना
बिहार सरकार के गृह विभाग ने ज्ञापांक संख्या 10770, दिनांक 3 सितंबर 2026 के जरिए यह अधिसूचना जारी की है। यह सहमति दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत दी गई है। इसके तहत सीबीआई के अधिकारियों को कानून में तय कुछ श्रेणी के अपराधों की जांच के लिए बिहार में अधिकार क्षेत्र प्रदान किया गया है। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के तहत आने वाले अपराध शामिल हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, साइबर अपराध से जुड़े प्रावधानों और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के संबंधित मामलों को भी अधिसूचना में शामिल किया गया है।
1996 की व्यवस्था को नए कानूनों के हिसाब से किया गया अपडेट
सरकार के अनुसार, बिहार में सीबीआई जांच के लिए सहमति से जुड़ी पिछली अंतिम अधिसूचना 1996 में जारी हुई थी। इसके बाद अलग-अलग समय पर जारी आदेशों के जरिए सीबीआई के अधिकार क्षेत्र और जांच से जुड़ी शक्तियों में जरूरी बदलाव किए जाते रहे। साल 2023 में देश में आपराधिक कानूनों में बड़ा बदलाव हुआ। भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किया गया। नए कानून प्रभावी होने के बाद पुराने आदेशों में मौजूद कानूनी प्रावधानों को नए कानूनों के अनुरूप करना जरूरी था। इसी प्रक्रिया के तहत मौजूदा अधिसूचना जारी की गई है।
केंद्र से जुड़े कर्मचारियों और निजी लोगों के मामलों में जांच की सहमति
नई अधिसूचना के तहत केंद्र सरकार या केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के निगमों के कर्मचारियों से जुड़े निर्धारित श्रेणी के अपराधों की जांच के लिए सीबीआई को सहमति दी गई है। इसके साथ ही निर्धारित श्रेणी के उन अपराधों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिनमें निजी व्यक्तियों की कथित संलिप्तता हो। सरकार का कहना है कि यह कदम सीबीआई की जांच व्यवस्था को मौजूदा कानूनी प्रावधानों के अनुरूप स्पष्ट और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।
बिहार सरकार के कर्मचारियों के मामलों में पहले अनुमति जरूरी
अधिसूचना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बिहार सरकार के लोक सेवकों से जुड़े मामलों को लेकर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई मामला बिहार सरकार के किसी कर्मचारी के काम से संबंधित है या बिहार सरकार के स्वामित्व अथवा नियंत्रण वाली कंपनी, निगम या बैंक से जुड़ा है, तो सीबीआई जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की पूर्व सहमति जरूरी होगी। इसी तरह बिहार सरकार से वित्तीय सहायता पाने वाले या पहले वित्तीय सहायता प्राप्त कर चुके संस्थानों में कार्यरत लोगों से जुड़े मामलों में भी निर्धारित स्थिति में राज्य सरकार की पूर्व अनुमति आवश्यक रहेगी।
सरकार ने अफवाहों को बताया तथ्यहीन
बिहार सरकार ने कहा है कि नई अधिसूचना से पहले से लागू वैधानिक व्यवस्था में कोई मूल बदलाव नहीं किया गया है। इसका उद्देश्य केवल पुराने कानूनी प्रावधानों को वर्तमान में लागू कानूनों के अनुरूप अपडेट करना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिसूचना को लेकर इसके विपरीत प्रसारित की जा रही अन्य जानकारियां तथ्यहीन हैं। यानी राज्य सरकार के मुताबिक, इस आदेश को बिहार सरकार से जुड़े मामलों में सीबीआई को स्वतः जांच का अधिकार देने के तौर पर देखना सही नहीं होगा।
पटना से रंजीत की रिपोर्ट