Bihar Food Safety: बिहार में खाने की गुणवत्ता से खिलवाड़ करना पड़ेगा महंगा, एक्सपायरी सामान- खराब पनीर पर हुई कार्रवाई, स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान तेज

Bihar Food Safety: बिहार में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। ...

बिहार में मिलावटखोरों पर शिकंजा- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar Food Safety: बिहार में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर 18 सितंबर 2026 तक राज्य के विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण, नमूना संग्रहण और जांच की कार्रवाई की गई। इस दौरान एक्सपायर्ड, मिलावटी, संदूषित और खराब खाद्य सामग्री मिलने पर जब्ती और नष्ट करने की कार्रवाई की गई है।

अभियान के तहत अब तक 591 से अधिक खाद्य नमूने जुटाए गए हैं। इनमें दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, अनाज-दाल, मसाले, सॉस, खाद्य तेल, स्ट्रीट फूड, बेवरेज और बेकरी उत्पाद शामिल हैं। नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा जा रहा है।

भागलपुर के सुल्तानगंज में करीब 72 किलो खराब पनीर जब्त कर नष्ट कराया गया। वैशाली और पश्चिमी चंपारण में लगभग 105 किलो संदिग्ध पनीर, 18 किलो छेना, 12 किलो पेड़ा और 27 किलो एक्सपायरी सोनपपड़ी को जनहित में नष्ट कराया गया। मुंगेर, पूर्णिया और मधेपुरा में एक्सपायरी उत्पाद, रंग लगी जलेबी-बुनिया और अन्य संदिग्ध सामग्री पर कार्रवाई हुई।

मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर में दूध, पनीर, खाद्य तेल, मसाले और मिठाइयों समेत 66 नमूने लिए गए। जमुई से नमूने जांच के लिए अगमकुआं स्थित संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला भेजे गए। कई जिलों में पुराने और बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेल को भी नष्ट कराया गया।

विभाग ने खाद्य कारोबारियों को FSSAI का वैध लाइसेंस/पंजीकरण प्रदर्शित करने, FIFO/FEFO नियमों का पालन करने और कच्चे-पके खाद्य पदार्थों को अलग रखने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी पर सुधार नोटिस, जब्ती, खाद्य सामग्री नष्ट करने और विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा को लेकर यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।