हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: 21 हेडमास्टरों का वेतनमान दावा खारिज, निदेशक ने सुनाया अंतिम फैसला

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने बेगूसराय के 21 प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों द्वारा 31.05.2001 से प्रशिक्षित वेतनमान मांगने के दावे को खारिज कर दिया है। जानें क्यों निदेशक ने इसे अमान्य बताया।

 Patna : बिहार के शिक्षा विभाग ने बेगूसराय जिले के 21 शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को बड़ा झटका दिया है । पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई विस्तृत सुनवाई के बाद, प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने स्पष्ट कर दिया है कि इन शिक्षकों का मैट्रिक प्रशिक्षित वेतनमान को बैक डेट (प्रशिक्षण पूर्णता की तिथि) से लागू करने का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता । विभाग ने दो टूक शब्दों में इन दावों को "अमान्य" बताते हुए आवेदन को खारिज कर दिया है ।

क्या था मामला: बैक डेट से आर्थिक लाभ की थी मांग

यह पूरा विवाद माधवानंद शर्मा और अन्य बनाम राज्य सरकार (सी०डब्लू० जे०सी० सं0-20617/2025) से जुड़ा है 。 बेगूसराय के विभिन्न विद्यालयों में तैनात इन 21 शिक्षकों का दावा था कि उन्हें उनके प्रशिक्षण चर्या पूर्ण होने की तिथि, यानी 31 मई 2001 के प्रभाव से ही मैट्रिक प्रशिक्षित वेतनमान और उससे जुड़ी वरीयता व वित्तीय लाभ मिलना चाहिए । वादीगण का तर्क था कि उनकी परिस्थिति अन्य जिलों के उन शिक्षकों के समान है जिन्हें कोर्ट के आदेश पर यह लाभ मिला है ।

विभाग की दलील: देरी परीक्षा में हुई, हक में नहीं

निदेशक, प्राथमिक शिक्षा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इन शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 1999-2000 में अप्रशिक्षित श्रेणी में हुई थी । इनका प्रशिक्षण सत्र 2000-2001 था, लेकिन परीक्षा के आयोजन और परीक्षाफल प्रकाशन (20.06.2005) में देरी हुई । विभाग ने पहले ही उदारता दिखाते हुए इन्हें परीक्षाफल प्रकाशन से भी पहले, यानी 01 अक्टूबर 2003 से प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ दे दिया है । विभाग के अनुसार, इससे पहले की तिथि से लाभ देना नियमों के विरुद्ध है ।

दूसरे आदेशों का हवाला देकर लाभ लेने की कोशिश नाकाम

सुनवाई के दौरान शिक्षकों ने गया जिले के एक आदेश और कटिहार के श्री कुलानंद मंडल के मामले का हवाला देकर लाभ लेना चाहा था । हालांकि, विभाग ने गहन समीक्षा के बाद पाया कि उन मामलों की सेवा शर्तें और नियुक्ति की प्रकृति इन 21 शिक्षकों से पूरी तरह भिन्न थी । निदेशक ने साफ किया कि गया जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश को 'पूर्वोदाहरण' (Precedent) मानकर सभी पर लागू नहीं किया जा सकता ।

इन 21 दिग्गजों के दावों पर गिरी गाज

विभाग द्वारा जारी सूची में बेगूसराय के कई बड़े स्कूलों के हेडमास्टर और शिक्षक शामिल हैं, जिनके आवेदन को अब स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है :

  • माधवानंद शर्मा (हेडमास्टर, मकरीदही) 
  • जय प्रकाश ज्योति (हेडमास्टर, सांख) 
  • रंजन कुमार झा (हेडमास्टर, फाजिलपुर) 
  • कुमारी पूनम (हेडमास्टर, मसनदपुर) 
  • विजय कुमार (हेडमास्टर, बखतपुर) 
  • इसके साथ ही मोतीलाल रजक, कन्हैया चंद्र राय, घनश्याम साह, राजेश कुमार समेत कुल 21 कर्मियों के अरमानों पर पानी फिर गया है ।