बिहार में बारिश बनी आफत! उफनती तमसा नदी में फंसे 11 श्रद्धालु, मानव श्रृंखला बनाकर बचाई गई जान, सुपौल में बह गई सड़क, कई जिलों में बाढ़ के हालात

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। कहीं श्रद्धालु नदी के तेज बहाव में फंस गए तो कहीं सड़क बह गई और सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई।

बिहार में बारिश बनी आफत! - फोटो : social Media

Bihar Flood: बिहार में मानसून अब राहत से ज्यादा आफत बनता नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश और नेपाल के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार वर्षा के कारण नदियां उफान पर हैं। पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। कहीं श्रद्धालु नदी के तेज बहाव में फंस गए तो कहीं सड़क बह गई और सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई।

सबसे नाटकीय घटना नेपाल स्थित ऐतिहासिक वाल्मीकि आश्रम से लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ हुई। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से आए 11 श्रद्धालु दर्शन-पूजन के बाद लौट रहे थे। तमसा नदी पार करते समय पहाड़ों पर हुई बारिश के कारण अचानक जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव में महिलाएं और बच्चे फंस गए और कुछ बहने भी लगे। मौके पर मौजूद युवाओं ने अद्भुत साहस दिखाते हुए मानव श्रृंखला बनाई और सभी 11 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते बचाव नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

उधर, पूर्वी चंपारण के रक्सौल में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई। भेलाही–घोड़ासहन नहर सड़क तेज बहाव में बह गई, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क टूटने के कारण जयमंगलापुर के पास नहर का पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया और देखते ही देखते पूरा इलाका जलमग्न हो गया।

ग्रामीणों के अनुसार, करीब 200 बीघा कृषि भूमि में लगी धान और अन्य फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। सड़क कट जाने से लोगों का एक-दूसरे क्षेत्रों से संपर्क भी प्रभावित हुआ है और आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है।लगातार हो रही बारिश के कारण सीमावर्ती इलाकों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि ग्रामीणों में बाढ़ और फसलों के नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे निचले इलाकों में खतरा और बढ़ सकता है।