Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर, 44 लाख आबादी पानी में, कोसी के दबाव से रेल बांध कटा

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार विकराल होती जा रही है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।...

बिहार में बाढ़ का कहर- फोटो : social Media

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार विकराल होती जा रही है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। प्रदेश की आठ प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई इलाकों में संकट गहराता जा रहा है। बाढ़ की भयावह तस्वीर के बीच नवगछिया में कोसी नदी के दबाव से रेल बांध कट जाने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

नवगछिया के रंगरा प्रखंड स्थित मुरली गांव में रात करीब 11 बजे कोसी के तेज दबाव से रेल बांध कट गया। इसके बाद पानी नया और साधोपुर गांव की ओर तेजी से फैलने लगा। जहांगीरपुर बैसी पंचायत की 50 हजार से अधिक आबादी पर भी बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है और प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।

बाढ़ की मार से बड़ी संख्या में परिवारों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। फिलहाल 27,954 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि पांच दिनों से बाढ़ में फंसे परिवारों को उनके बैंक खातों के जरिए 7,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इस कदम से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है।

बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। प्रभावित इलाकों के करीब 5 हजार स्कूल पानी की चपेट में हैं, जिसके कारण हजारों बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। कई स्थानों पर विद्यालयों का इस्तेमाल राहत कार्यों के लिए भी किया जा रहा है।

सुपौल में फिलहाल कोसी नदी का जलस्तर स्थिर बताया गया है। सुबह छह बजे कोसी बराज से 1.41 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि बराह क्षेत्र से 1.07 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। इसके बावजूद नदी के दबाव और जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। बिहार में बाढ़ की यह भयावह स्थिति आने वाले दिनों में और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।