Bihar Flood: ब्रह्मोत्तर तटबंध फिर टूटा, गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा, रातभर बचाव में जुटे ग्रामीण

Bihar Flood: ब्रह्मोत्तर तटबंध की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। तीन दिन पहले ओवरफ्लो के कारण कई जगह क्षतिग्रस्त हुए तटबंध का एक हिस्सा देर रात तेज आंधी और बारिश के बीच पानी के प्रचंड दबाव से फिर टूट गया।

Bihar Flood: ब्रह्मोत्तर तटबंध फिर टूटा, गांवों पर मंडराया ब
ब्रह्मोत्तर तटबंध फिर टूटा- फोटो : reporter

Bihar Flood: ब्रह्मोत्तर तटबंध की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। तीन दिन पहले ओवरफ्लो के कारण कई जगह क्षतिग्रस्त हुए तटबंध का एक हिस्सा देर रात तेज आंधी और बारिश के बीच पानी के प्रचंड दबाव से फिर टूट गया। तटबंध टूटने की खबर मिलते ही आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासनिक टीम के साथ ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और रात से ही बचाव एवं मरम्मत कार्य में जुट गए।

भागलपुर मुख्यालय के पीछे स्थित यह तटबंध गंगा और कोसी के पानी के दबाव वाले संवेदनशील इलाके में आता है। जलस्तर में कुछ कमी के बावजूद अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं के बीच पानी का दबाव बढ़ने से तटबंध में कटाव तेज हो गया। देखते ही देखते एक हिस्सा टूट गया, जिससे आसपास के इलाकों में पानी फैलने की आशंका गहरा गई।

सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और बचाव दल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने भी मोर्चा संभाल लिया। टूटे हिस्से को बंद करने के लिए टीन की चादरों और बालू से भरी बोरियों का सहारा लिया जा रहा है। पानी के तेज बहाव के बीच क्षतिग्रस्त हिस्से को नियंत्रित करने के लिए लगातार मशक्कत की जा रही है।

तीन दिन पहले भी ब्रह्मोत्तर तटबंध कई जगह ओवरफ्लो के कारण क्षतिग्रस्त हुआ था। तब प्रशासन और ग्रामीणों की संयुक्त कोशिश से टूटे हिस्सों को बंद किया गया था। लेकिन अब दोबारा तटबंध टूटने से इसकी मजबूती और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अगर टूटे हिस्से को समय रहते पूरी तरह बंद कर मजबूत नहीं किया गया तो पानी का दबाव बढ़ने पर गोपालपुर और रंगरा प्रखंड के कई गांवों में संकट पैदा हो सकता है। सबसे बड़ा खतरा खेतों में खड़ी फसलों और तटबंध के आसपास बसे गांवों पर मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंध की युद्धस्तर पर मरम्मत और स्थायी मजबूतीकरण की मांग की है, ताकि बार-बार टूटने की नौबत से लोगों को निजात मिल सके।

रिपोर्ट- बालमुकुंद शर्मा