बिहार के इन जिलों पर बढ़ा बाढ़ का खतरा, गंडक-गंगा खतरे के निशान से ऊपर, अगले 48 घंटे अहम

बिहार के जल संसाधन विभाग के रियल टाइम आंकड़ों के अनुसार 3 अक्टूबर की सुबह गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.61 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से करीब 1.01 मीटर ऊपर है।

Bihar Flood Update- फोटो : news4nation

Bihar Flood Update : बिहार में बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। गंडक के उफान से सारण के कई नए इलाकों में पानी फैलने के बीच गंगा, गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने राज्य में 28 स्थानों पर गंभीर बाढ़ की स्थिति को लेकर ऑरेंज बुलेटिन जारी किया है। 


आज नदियों का जलस्तर क्या है?

बिहार के जल संसाधन विभाग के रियल टाइम आंकड़ों के अनुसार 3 अक्टूबर की सुबह गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.61 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से करीब 1.01 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर गिर रहा है। दीघाघाट में गंगा 50.72 मीटर पर खतरे के निशान से ऊपर है। हथीदह में जलस्तर 42.67 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से ऊपर है और यहां भी पानी घट रहा है। ऐसे में गंगा का जलस्तर अगले 48 घंटे के दौरान और ज्यादा कम होने की संभावना है जिससे गंडक के जलग्रहण क्षेत्रों में भी पानी का दबाव कम होगा और बाढ़ प्रभावित इलाकों को राहत मिलेगी।


गंडक की बात करें तो डुमरियाघाट में जलस्तर 63.14 मीटर, रेवा घाट में 54.65 मीटर और लालगंज में 51.79 मीटर दर्ज किया गया। तीनों जगह नदी खतरे के निशान से ऊपर है, हालांकि जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। लालगंज में गंडक अपने उच्चतम बाढ़ स्तर से महज करीब 30 सेंटीमीटर नीचे है। कोसी भी कई स्थानों पर दबाव बनाए हुए है। बिरपुर में कोसी 75.07 मीटर और कुर्सेला में 30.50 मीटर दर्ज की गई। वहीं बागमती के बेनीबाद में जलस्तर 49.51 मीटर और बूढ़ी गंडक के कांटी में 55.13 मीटर रहा, दोनों खतरे के निशान से ऊपर हैं।  


अगले 48 घंटे कैसे रहेंगे?

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में अगले 24 घंटे बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 3 अक्टूबर के बाद भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। ऐसे में पहले से उफनाई नदियों और जलभराव वाले इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।  

हालांकि सभी नदियों के अगले 48 घंटे के सटीक मीटर-वार जलस्तर का पूर्वानुमान उपलब्ध नहीं है। मौजूदा ट्रेंड में गंगा और गंडक के कई प्रमुख केंद्रों पर पानी घट रहा है, जबकि कोसी, बूढ़ी गंडक और कुछ अन्य स्थानों पर जलस्तर स्थिर या बढ़ता हुआ दर्ज किया गया है। इसलिए अगले दो दिनों में स्थानीय बारिश और नेपाल के कैचमेंट से आने वाले पानी पर स्थिति काफी निर्भर करेगी।  


सारण में बढ़ी चिंता

गंडक का पानी सारण के पानापुर और मकेर प्रखंडों में क्षतिग्रस्त तटबंधों से निकलकर नए इलाकों में फैल गया है। कर्चौलिया, अमनौर, जगदीशपुर, मकेर और परसा समेत कई इलाकों में बाढ़ का असर पहुंचा है। राहत और बचाव के लिए 12 NDRF और 7 SDRF टीमें तैनात हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से राहत सामग्री भी गिराई जा रही है।  ऐसे में अगले 48 घंटे बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। प्रशासन की नजर नदियों के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और नेपाल व उत्तर प्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में होने वाली बारिश पर बनी हुई है।