कहीं पनीर में मिलावट तो कहीं खराब धनिया... खाद्य सुरक्षा टीम ने मारा धावा, मिठाई हो या सब्जी खाने से पहले हो जाएं सावधान

सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की जाँच को लेकर खाद्य सुरक्षा टीमों द्वारा पूरे बिहार में जाँच अभियान चलाया जा रहा है. इसमें कहीं पनीर की गुणवत्ता में खामी मिली तो कहीं धनिया तक मिलावटी मिला

Bihar Food Safety Crackdown - फोटो : news4nation

Bihar Food Safety Crackdown :  बिहार में आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा आयुक्त-सह-स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीमों द्वारा की गई कार्रवाई एवं प्रयोगशाला जांच में औरंगाबाद एवं जहानाबाद के दो मामलों में खाद्य पदार्थों के नमूने असुरक्षित एवं अधोमानक पाए गए। इन मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत सक्षम न्यायालय में अभियोजन चलाने की स्वीकृति दी गई है।


औरंगाबाद में पनीर का नमूना असुरक्षित  

औरंगाबाद जिले में नगर थाना के पास स्थित मेसर्स चंचला सुधा डेयरी बूथ से पनीर का नमूना संग्रहित कर संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, अगमकुआं, पटना में जांच के लिए भेजा गया था। खाद्य विश्लेषक के अनुसार पनीर का नमूना असुरक्षित (Unsafe) एवं अधोमानक (Sub-standard) पाया गया। 


जांच में नमूने में फॉर्मेलिन की उपस्थिति पाई गई। साथ ही निर्धारित मानक की तुलना में वसा (Fat) की मात्रा कम पाई गई। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26(2)(i) के उल्लंघन के मामले में संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में अभियोजन चलाने की स्वीकृति दी गई है। इस मामले में अधिनियम की धारा 59(i) के तहत 3 महीने तक के कारावास तथा 3 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।


जहानाबाद में धनिया पाउडर में मिलावट

जहानाबाद जिले के राजा बाजार स्थित मेसर्स गोपाल किराना स्टोर, प्रोपराइटर नारायण मुनी, से धनिया पाउडर का नमूना संग्रहित कर संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, पटना में जांच के लिए भेजा गया था। खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट  के अनुसार धनिया पाउडर का नमूना असुरक्षित एवं अधोमानक पाया गया।


प्रयोगशाला जांच में नमूने में ‘बटर येलो’ (Butter Yellow) नामक अस्वीकृत तेल-घुलनशील सिंथेटिक रंग तथा स्टार्च की मिलावट पाई गई। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26(2)(i) के उल्लंघन के तहत संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में अभियोजन चलाने की स्वीकृति दी गई है। इस मामले में भी अधिनियम की धारा 59(i) के तहत 3 महीने तक के कारावास तथा 3 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।


वाटर प्लांट का निरीक्षण

खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा औरंगाबाद के अम्बा स्थित Puja Corporation, ग्राम-एरका, पोस्ट-अम्बा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान सामने से बंद पाया गया, लेकिन पीछे का दरवाजा खुला मिला। परिसर के अंदर खराब दुर्गंध, अत्यधिक मक्खियां एवं अस्वच्छ स्थिति पाई गई। साथ ही खाली बोतलें, Preform, जली हुई सामग्री तथा कारीगर के कपड़े आदि पाए गए। परिसर में कारीगर द्वारा कार्य किए जाने के संकेत भी मिले। निरीक्षण से संबंधित फोटोग्राफिक साक्ष्य एवं प्रतिवेदन संलग्न किए गए हैं। मामले में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।


पटना के मिठाई प्रतिष्ठान का आकस्मिक निरीक्षण

खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा Pramod Confectionery and Food Products, कुम्हरार टोली, बहादुरपुर रोड, पटना का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। पटना सिटी अनुमंडल पदाधिकारी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी की उपस्थिति में निरीक्षण के दौरान खोवा, घी, रसगुल्ला एवं काजू बर्फी के कुल 04 वैधानिक नमूने संग्रहित किए गए, जिन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।


निरीक्षण में Store एवं Process Area के बीच Partition, कर्मचारियों के Dress Code, Hygiene एवं Sanitation तथा FIFO/FEFO के अनुपालन से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में नियमित रूप से निरीक्षण, नमूना संग्रहण, प्रयोगशाला जांच एवं नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विभाग का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।