ड्यूटी पर सुरक्षा की गारंटी: बिहार के पुलिसकर्मियों को सरकार ने दिया कानूनी कवच, गृह विभाग ने अधिसूचना की जारी

राज्य सरकार ने लोक व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिसकर्मियों के लिए धारा 218 के तहत विशेष कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित की है । इस नए प्रावधान के अनुसार, अब पुलिसकर्मियों के संदर्भ में "केन्द्रीय सरकार" के स्थान पर "राज्य सरकार" शब्द का प्रयोग प्रभावी होगा ।

Muzaffarpur - बिहार सरकार के गृह विभाग ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के प्रावधानों को लेकर एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है । इस अधिसूचना के माध्यम से राज्य सरकार ने लोक व्यवस्था बनाए रखने वाले बिहार पुलिस के जवानों के लिए कानूनी सुरक्षा के दायरे को स्पष्ट किया है ।

अधिसूचना का मुख्य उद्देश्य

बिहार सरकार के संयुक्त सचिव अमलेन्दु कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना में कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 की उप-धारा (3) के तहत राज्य सरकार अपनी शक्तियों का प्रयोग कर रही है । इसके तहत बिहार पुलिस के सभी वर्गों और प्रवर्गों के उन सदस्यों को सुरक्षा प्रदान की गई है, जिन्हें सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order) बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ।

कानूनी सुरक्षा का विस्तार

अधिसूचना के अनुसार, अब बिहार पुलिस के कर्मियों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 की उप-धारा (2) के उपबंध लागू होंगे । राज्य सरकार ने यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि उक्त धारा की उप-धारा (2) में जहाँ "केन्द्रीय सरकार" पद का उल्लेख है, उसे बिहार पुलिस के संदर्भ में "राज्य सरकार" माना जाएगा ।

सभी पुलिसकर्मियों पर होगा लागू

यह आदेश बिहार पुलिस के उन सभी सदस्यों के लिए प्रभावी होगा जो लोक व्यवस्था बनाए रखने के कार्य में लगे हैं, चाहे वे वर्तमान में कहीं भी सेवा दे रहे हों । राज्यपाल के आदेश से जारी यह अधिसूचना सुनिश्चित करती है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए कार्यों के संदर्भ में उन्हें प्राप्त सुरक्षात्मक कानूनी प्रावधानों में कोई स्पष्टता की कमी न रहे ।

विभागीय कार्यवाही और प्रसार

इस अधिसूचना की प्रतियां राज्य के सभी महत्वपूर्ण विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं । इसमें माननीय उच्च न्यायालय पटना के महानिबंधक, सभी जिला दंडाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, प्रमंडलीय आयुक्त और बिहार के पुलिस महानिदेशक शामिल हैं । अधिसूचना को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित करने और विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है ।