बिहार के लाखों छात्रों की 'बड़ी लॉटरी'! शिक्षा विभाग ने जारी की भारी-भरकम राशि, सीधे बैंक खाते में गिरेगा पैसा
बिहार सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 'मुख्यमंत्री प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना-2023' के तहत 87.72 करोड़ रुपये की राशि विमुक्त कर दी है ।
Patna: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग (माध्यमिक शिक्षा निदेशालय) ने राज्य के पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने 'मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना-2023' के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 87,72,00,000 रुपये (सतासी करोड़ बहत्तर लाख) की राशि विमुक्त करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है ।
DBT के माध्यम से मिलेगा लाभ
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस स्वीकृत राशि को पात्र छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) या PFMS पोर्टल के माध्यम से सीधे हस्तांतरित किया जाएगा । इसके लिए पटना स्थित IDBI बैंक की पाटलिपुत्र कॉलोनी शाखा में एक विशेष खाता संचालित है, जिसमें निकासी की गई राशि जमा की जाएगी और फिर लाभुकों को भेजी जाएगी ।
किन छात्रों को मिलेगा फायदा?
इस योजना का लाभ बिहार के भीतर स्थित सभी सरकारी और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी संस्थानों में प्रवेशिकोत्तर (Post-Matric) पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिलेगा । उल्लेखनीय है कि यह राज्य योजना वर्ष 2022-23 से प्रभावी है, जिसने पूर्ववर्ती केंद्र प्रायोजित योजना का स्थान लिया है ।
पारदर्शिता और समय-सीमा का सख्त निर्देश
विभाग ने राशि की निकासी और व्यय को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
निकासी अधिकारी: शिक्षा विभाग के अवर सचिव, श्री बाल्मीकि कुमार को इस राशि की निकासी एवं व्यय हेतु अधिकृत पदाधिकारी नियुक्त किया गया है ।
डेडलाइन: विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उतनी ही राशि की निकासी की जाए जिसका वास्तविक उपयोग 31 मार्च 2026 तक संभव हो । इस तिथि के बाद कोई भी राशि बैंक खाते या नकद के रूप में नहीं रखी जानी चाहिए ।
उपयोगिता प्रमाण-पत्र: खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate) निर्धारित समय के भीतर महालेखाकार को सौंपना अनिवार्य होगा ।
वित्तीय अनुशासन पर जोर
सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में राशि निकालकर बैंक खातों में 'पार्क' (जमा करके रखना) नहीं की जानी चाहिए । आवंटित राशि को यथाशीघ्र वास्तविक लाभुकों के खातों में भेजने की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है ।