बिहार सरकार का बड़ा फैसला: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में 53 नए पदों का सृजन, युवा वैज्ञानिकों को मिलेगी नौकरी

Bihar News : राज्य सरकार ने बिहार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में अप्रासंगिक पदों को समाप्त कर 53 नए पद सृजित करने का फैसला लिया है। बीते बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गई.....

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में युवा वैज्ञानिकों को मिलेगी नौकरी- फोटो : दीपक परासर

Patna : बिहार में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और राज्य के तकनीकी संस्थानों को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए सम्राट कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में बिहार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (BCST) और उसके अधीनस्थ कार्यालयों में पुराने व अप्रासंगिक हो चुके पदों को समाप्त कर 53 नए उच्च तकनीकी पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की मंत्री शीला कुमारी ने इस फैसले को बिहार की वैज्ञानिक उन्नति के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है।


एआई और स्पेस साइंस के दौर में विशेषज्ञों से लैस होंगे संस्थान

कैबिनेट के इस फैसले का स्वागत करते हुए विभागीय मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सैटेलाइट तकनीक और स्पेस साइंस की ओर तेजी से बढ़ रही है, ऐसे समय में बिहार के विज्ञान संस्थानों को आधुनिक विशेषज्ञों से लैस करना बेहद जरूरी हो गया था। मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि के कारण ही बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (BCST), पटना, इंदिरा गांधी विज्ञान परिसर, तारामंडल और बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (बिरसेक) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में यह बड़ा संगठनात्मक बदलाव संभव हो सका है।


94 पदों का पुनर्गठन: 87 पद होंगे समाप्त, युवाओं के लिए खुलेंगे नए दरवाजे

इस नए सांगठनिक ढांचे के तहत पहले से स्वीकृत कुल 94 पदों में से 87 पदों को पूरी तरह से समाप्त (प्रत्यर्पित) करने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि समय के साथ ये पद अप्रासंगिक हो चुके थे। इनके स्थान पर सृजित किए जा रहे 53 नए अतिरिक्त पद राज्य के युवा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उच्च तकनीकी विशेषज्ञों के लिए रोजगार के नए दरवाजे खोलेंगे। मंत्री ने बताया कि जल्द ही इन सभी पदों पर नियुक्ति और पदोन्नति (प्रमोशन) की पूरी रूपरेखा जारी कर दी जाएगी, ताकि संस्थानों को जल्द से जल्द आधुनिक विशेषज्ञ मिल सकें।


मंत्री शीला कुमारी ने बताया कि राज्य सरकार विज्ञान एवं प्रावैधिकी कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए दक्ष युवाओं की भर्ती करने जा रही है। इसके लिए “यंग प्रोफेशनल चयन संबंधी नीति-2026” बनाई गई है। बिहार सरकार का विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तीन श्रेणियों में यंग प्रोफेशनल का चयन करेगा। इस पहल से विज्ञान एवं प्रावैधिकी से जुड़े कार्यक्रमों और अनुप्रयोगों को गति मिलेगी। इस नीति के तहत तीन श्रेणियों — यंग प्रोफेशनल (वाईपी-I), यंग प्रोफेशनल (वाई-II) और यंग प्रोफेशनल (वाई-III) — में तकनीकी क्षेत्र में दक्ष युवाओं की भर्ती की जाएगी। यंग प्रोफेशनल-I में वैसे अभ्यर्थियों का चयन होगा, जिन्होंने डिप्लोमा परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। यंग प्रोफेशनल-II में वैसे अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिन्होंने बी.टेक. परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों तथा संबंधित शाखा में पिछले तीन वर्षों के भीतर वैध ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) स्कोर अर्जित किया हो। वहीं, यंग प्रोफेशनल-III में वैसे अभ्यर्थियों का चयन होगा, जिन्होंने एम.टेक. परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों तथा एम.टेक. में प्रवेश वैध गेट स्कोर के आधार पर लिया हो।

यंग प्रोफेशनल का प्रारंभिक चयन दो वर्षों के लिए होगा, जिसे उनके कार्य के मूल्यांकन तथा संबंधित संस्थान की आवश्यकता के आधार पर एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। विभिन्न संस्थानों में यंग प्रोफेशनल की संख्या संबंधित संस्थानों की आवश्यकता के अनुसार विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित की जाएगी। यंग प्रोफेशनल के चयन में राज्य की आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा।


'बिरसेक' के मजबूत होने से आपदा प्रबंधन और खेती को मिलेगी ताकत

उन्होंने कहा कि इस बदलाव के दूरगामी फायदों को रेखांकित करते हुए कहा कि तारामंडल बच्चों और आम लोगों के लिए खगोल विज्ञान का एक बेहतरीन केंद्र है, जिसे इस पहल से नई मजबूती मिलेगी। वहीं दूसरी ओर, 'बिरसेक' (बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर) के सुदृढ़ीकरण से राज्य में सैटेलाइट डेटा का बेहतर उपयोग हो सकेगा। इससे कृषि की सटीक निगरानी, बाढ़ की पूर्व चेतावनी, सुनियोजित शहरी विकास की योजना और आपदा प्रबंधन की दिशा में राज्य सरकार की क्षमता में अभूतपूर्व विकास होगा।


खाली पदों पर तत्काल कैंची, कार्यरत कर्मियों पर नहीं पड़ेगा कोई असर

इस पूरे मामले की प्रशासनिक रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया गया कि पहले से स्वीकृत 94 पदों में से 62 पद वर्तमान में खाली पड़े थे, जो इस फैसले के साथ ही तुरंत समाप्त हो जाएंगे। शेष पदों पर कार्यरत नियमित और संविदा कर्मियों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। 17 पदों पर तैनात नियमित कर्मचारी अपनी सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) तक पद पर बने रहेंगे, जिसके बाद वे पद समाप्त होंगे। वहीं, पांच पदों पर कार्यरत संविदा कर्मी अपनी तय संविदा अवधि पूरी होने तक काम करते रहेंगे। सरकार के मुताबिक, इन नए पदों पर सभी संविदा नियुक्तियां सामान्य प्रशासन विभाग के कड़े नियमों के अनुसार ही की जाएंगी।


धीरज परासर की रिपोर्ट