जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक में डीएम के कड़े निर्देश : 'खाद की कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई'

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डीएम की अध्यक्षता में कृषि टास्क फोर्स की बैठक- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कृषि टास्क फोर्स की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले में संचालित कृषि एवं उससे जुड़े विभिन्न संबद्ध विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार और विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही तमाम महत्वाकांक्षी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना ही जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


फार्मर रजिस्ट्री और गरमा बीज वितरण में तेजी लाने का निर्देश

बैठक में 'फार्मर रजिस्ट्री' की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र किसानों का पंजीकरण जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया ताकि सरकारी सहायता पारदर्शी तरीके से मिल सके। वहीं, गरमा बीज वितरण की समीक्षा के दौरान डीएम ने कड़े लहजे में कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना विभाग की मुख्य जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


खाद की नियमित मॉनिटरिंग और कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश

उर्वरक (खाद) की उपलब्धता को लेकर बैठक में काफी गंभीर चर्चा हुई। जिलाधिकारी सावन कुमार ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी सीजन में किसानों को किसी भी परिस्थिति में खाद की किल्लत का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उर्वरक दुकानों की निगरानी बढ़ाने तथा खाद की नियमित मॉनिटरिंग करने का आदेश दिया। साथ ही हिदायत दी कि खाद की जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


मिट्टी जांच और कृषि यांत्रिकीकरण से बढ़ेगी किसानों की आय

वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए डीएम ने कहा कि किसानों को अपनी भूमि की उर्वरा शक्ति की सटीक जानकारी देने के लिए कृषि विभाग अधिक से अधिक मिट्टी की जांच करे और उसकी रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराए। इसके अलावा, कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत आधुनिक कृषि उपकरणों पर मिलने वाले सरकारी अनुदान के प्रति गांव-गांव में व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने को कहा गया ताकि आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाकर अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जा सके।


पशुपालन, मत्स्य पालन और सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर

समीक्षा के अंत में डीएम ने उद्यानिक फसलों, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा समग्र गव्य विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि ये क्षेत्र किसानों की अतिरिक्त आय के प्रमुख स्रोत हैं, इसलिए विभाग लक्ष्य के अनुरूप कार्य करे। इसके साथ ही गरमा फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं को समय पर सुचारू सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया। इस मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के सभी जिला स्तरीय और अनुमंडल स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट