Bihar News : होली-ईद पर घर आना हुआ आसान, बिहार सरकार चलाएगी 200 स्पेशल बसें, ऑनलाइन बुकिंग की हुई शुरूआत
Bihar News : देश के दुसरे राज्यों से बिहार आना ईद और होली में आसान हो जायेगा. सरकार की ओर से 200 बसें चलाई जाएगी. इसकी ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गयी है.....पढ़िए आगे
PATNA : होली और ईद के त्योहारों के दौरान ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट से जूझने वाले बिहार के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने प्रवासियों की सुविधा के लिए 23 फरवरी से 23 मार्च तक करीब 200 विशेष अंतर्राज्यीय बसें चलाने का निर्णय लिया है। इन बसों के संचालन से दिल्ली, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में रह रहे बिहारियों को घर पहुँचने में काफी सुगमता होगी।
यात्रा की योजना बनाने वाले लोग अब अपनी सीट पहले से सुरक्षित कर सकते हैं, क्योंकि इन विशेष बसों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग गुरुवार (5 फरवरी) से शुरू कर दी गई है। यात्री निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी पसंद की सीट चुन सकते हैं। भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल इंडिया से जोड़ते हुए यूपीआई, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग की सुविधा दी गई है। इसके अलावा, जो लोग ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाएंगे, वे बस में ई-टिकटिंग मशीन के जरिए मौके पर भी टिकट प्राप्त कर सकते हैं।
निगम ने इन बसों के रूट को बहुत सावधानी से तैयार किया है ताकि देश के प्रमुख शहरों को जोड़ा जा सके। सबसे अधिक मांग वाले रूट दिल्ली के लिए 62 बसें आवंटित की गई हैं, जबकि हरियाणा के पानीपत और अंबाला के लिए 40 बसें चलेंगी। इसके अलावा झारखंड के रांची के लिए भी 10 बसें निर्धारित की गई हैं। बिहार के प्रमुख शहरों जैसे पटना, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और गया से ये बसें विभिन्न राज्यों के लिए प्रस्थान करेंगी।
यात्रियों की सुविधा और बजट का ध्यान रखते हुए बसों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। निगम द्वारा एसी, स्लीपर और एसी-स्लीपर जैसी प्रीमियम बसें सड़क पर उतारी जा रही हैं। सबसे खास बात यह है कि राज्य सरकार ने त्योहार के सीजन को देखते हुए किराए में विशेष छूट देने का भी ऐलान किया है। इससे न केवल सफर आरामदायक होगा, बल्कि निजी बसों की तुलना में काफी किफायती भी साबित होगा।
बिहार सरकार की इस पहल का उद्देश्य रेल नेटवर्क पर बढ़ते दबाव को कम करना और अवैध रूप से अधिक किराया वसूलने वाले निजी बस संचालकों पर लगाम लगाना है। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते बुकिंग शुरू होने से लोग अपनी छुट्टियों का प्रबंधन बेहतर ढंग से कर पाएंगे। यह कदम 'सुशासन' के तहत जनता को सीधे लाभ पहुँचाने और त्योहारों की खुशियों में परिवहन संबंधी बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक मील का पत्थर है।