Bihar News: सरकारी कर्मचारी अब केवल एक बार ही दे सकेंगे दूसरी नौकरी के लिए एग्जाम, बिहार सरकार के फरमान से मचा हड़कंप

Bihar News: बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने हाल ही में एक ऐसा आदेश जारी किया है जिसने विभागीय महकमे में हलचल मचा दी है।

बिहार सरकार का फरमान- फोटो : social Media

Bihar News: बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने हाल ही में एक ऐसा आदेश जारी किया है जिसने विभागीय महकमे में हलचल मचा दी है। फरमान के मुताबिक, विभाग के अधिकारी या कर्मचारी अब केवल अपने वर्तमान पद से ऊँचे वेतन स्तर वाले पद के लिए ही प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, और वह भी पूरी सेवा अवधि में केवल एक बार। यह कदम प्रशासनिक दक्षता और समय की बचत के उद्देश्य से उठाया गया है।

विभाग का कहना है कि कई अधिकारी और कर्मचारी बार-बार प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेते हैं, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित होता है और सरकारी मशीनरी का महत्वपूर्ण समय व्यर्थ जाता है। आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी अधिक बार परीक्षा देना चाहता है, तो उसके लिए त्यागपत्र देना विकल्प रहेगा।

इस फरमान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। कांग्रेस पार्टी ने इसे मौलिक अधिकारों का हनन करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि यह तुगलकी फरमान आम कर्मचारियों के करियर विकास पर रोक लगाता है। उनका सवाल है कि अगर कोई अधिकारी मेहनत कर सीओ या बीडीओ बनता है, तो क्या उसे डीएम या एसपी बनने का अधिकार नहीं होना चाहिए? उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसी क़ायदे लागू रहे, तो इसका दुष्परिणाम अन्य विभागों में भी देखने को मिल सकता है।

दूसरी ओर, भाजपा ने इस आदेश का समर्थन किया है। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि बार-बार परीक्षा देने से सरकारी काम प्रभावित होता है, इसलिए यह निर्णय जिम्मेदारी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों में संतुलित कार्य भावना आएगी और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

राज्य के कर्मचारी इस आदेश को लेकर अब विरोध और समर्थन के दो धड़े में बंट चुके हैं। प्रशासनिक कुशलता बनाम व्यक्तिगत करियर आकांक्षाओं की यह टकराव की स्थिति भविष्य में राजनीतिक और विभागीय दोनों स्तरों पर बड़ी बहस को जन्म दे सकती है।