जमीन दो वरना जवाब दो! बिहार में दो दर्जन सड़क प्रोजेक्ट्स पर विभाग सख्त, लापरवाह अधिकारियों को अल्टीमेटम

बिहार में 24+ सड़क प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने का निर्देश। मुआवजा विवाद और मंदिर-मस्जिद के कारण अटकी परियोजनाओं पर सरकार सख्त, अफसरों को जल्द समाधान के आदेश दिया है।

Patna : बिहार में दो दर्जन से अधिक सड़क परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कमर कस ली है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए भू अर्जन निदेशक ने जिलों को विशेष निर्देश जारी किए हैं, ताकि मुआवजे और एलाइनमेंट से जुड़े विवादों का जल्द निपटारा किया जा सके।

सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार की दो दर्जन से अधिक सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया है। भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने संबंधित जिलों को उन सड़कों की सूची भेजी है, जिनका काम फिलहाल अधर में लटका है। मुख्यालय स्तर पर हुई समीक्षा में यह बात सामने आई है कि ज्यादातर मामले मुआवजा भुगतान न होने या विवादों के कारण अटके हुए हैं।

शेरपुर-दिघवारा पुल: धार्मिक संरचनाओं ने रोका रास्ता

गंगा नदी पर बन रहे शेरपुर-दिघवारा छह-लेन पुल के निर्माण में बड़ी बाधा सामने आई है। सारण जिले में करीब 580 मीटर जमीन के अधिग्रहण का मामला फंस गया है। इस हिस्से के बीच में मंदिर, मस्जिद और स्कूल जैसी संरचनाएं आ रही हैं, जिसके कारण विभाग को एलाइनमेंट और अधिग्रहण में कठिनाई हो रही है।

NH 27 और NH 231: मुआवजे पर अड़े रैयत

एनएच 27 के किशनगंज-बहादुरगंज खंड में एलाइनमेंट सुधार की वजह से अतिरिक्त साढ़े चार किमी जमीन की जरूरत है, जिसके लिए मुआवजे की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, एनएच 231 के महेशखूंट-सहरसा-पूर्णिया खंड में मरंगा और सुखिया मौजा के किसान मुआवजे की कम दर को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे काम की गति धीमी पड़ गई है।

NH 139W और NH 119D: कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें

एनएच 139 डब्ल्यू के बाकरपुर-मानिकपुर खंड में संरचनाओं का भुगतान लंबित है, जबकि मुजफ्फरपुर के हिस्से में एक मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। इसी तरह, साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड और पश्चिमी चंपारण में लगभग 79 किमी जमीन का अधिग्रहण अभी बाकी है। एनएच 119 डी के लिए वैशाली, दरभंगा और समस्तीपुर में प्रक्रिया जारी है, लेकिन पटना के भरगांवा मौजा में रैयतों का विरोध प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

समन्वय से समाधान की कोशिश

निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने जिला भू अर्जन अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अधियाची विभागों और जमीन मालिकों (रैयतों) के बीच सेतु का काम करें। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आपसी समन्वय के जरिए मुआवजे के मुद्दों को सुलझाएं और अधिग्रहण की कार्रवाई को युद्ध स्तर पर पूरा करें ताकि बुनियादी ढांचे के विकास में और देरी न हो।