ओटीपी का झंझट खत्म! बिहार में जमीन रजिस्ट्री के लिए अब सिर्फ मोबाइल नंबर काफी, नीतीश सरकार का बड़ा फैसला
बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को फिर से सरल बना दिया गया है। ओटीपी (OTP) की तकनीकी झंझट को खत्म करते हुए अब केवल मोबाइल नंबर के जरिए दस्तावेज बुकिंग की सुविधा बहाल कर दी गई है।
Patna - बिहार में जमीन रजिस्ट्री कराने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। विभाग ने रजिस्ट्री हेतु दस्तावेज बुकिंग की प्रक्रिया में ओटीपी (OTP) की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। गुरुवार से राज्य भर के निबंधन कार्यालयों में यह नया नियम प्रभावी हो गया है। अब लोग बिना किसी तकनीकी बाधा के सिर्फ मोबाइल नंबर दर्ज कर अपनी स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे।
व्यवस्था में बदलाव का मुख्य कारण
जमीन रजिस्ट्री के लिए ओटीपी आधारित यह नियम पिछले मंगलवार को ही लागू किया गया था। इस व्यवस्था के तहत क्रेता और विक्रेता दोनों के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाता था, जिसका वेरिफिकेशन अनिवार्य था। हालांकि, लागू होने के महज दो दिनों के भीतर ही भारी तकनीकी खामियां सामने आने लगीं:
नेटवर्क की समस्या: कई क्षेत्रों में नेटवर्क कमजोर होने के कारण ओटीपी समय पर नहीं पहुँच रहा था।
तकनीकी गड़बड़ी: विभाग का सिस्टम बार-बार हैंग हो रहा था, जिससे दस्तावेज बुकिंग की प्रक्रिया बीच में ही अटक जा रही थी।
कार्यालयों में भीड़: ओटीपी न आने की वजह से निबंधन कार्यालयों में लोगों की लंबी कतारें लग रही थीं और रजिस्ट्री का काम प्रभावित हो रहा था।
अब कैसे होगी बुकिंग?
लोगों की शिकायतों और तकनीकी समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने ओटीपी की बाध्यता खत्म कर दी है। अब दस्तावेज बुकिंग के दौरान केवल मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा, और किसी भी प्रकार के ओटीपी सत्यापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जिला निबंधन कार्यालय बक्सर और डुमरांव सहित अन्य कार्यालयों में यह नई सुगम व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
किसे मिलेगा लाभ?
इस फैसले से न केवल जमीन खरीदने और बेचने वाले आम नागरिकों को राहत मिली है, बल्कि दस्तावेज लेखकों और संबंधित कर्मियों को भी सुविधा होगी। अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और तेज हो जाएगी। विभाग के अनुसार, जब तक तकनीकी दिक्कतें पूरी तरह दूर नहीं हो जातीं, तब तक मोबाइल नंबर आधारित यह सरल व्यवस्था जारी रहेगी।