Bihar Traffic Jam: बिहार में 30 घंटे तक महाजाम का तांडव, टनल चेचिस ने रोकी रफ्तार, दुर्गा पूजा में मोकामा से बेगूसराय तक हाहाकार, प्रशासन के फूले हाथ-पांव!

Bihar Traffic Jam: Bihar Traffic Jam: दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर मोकामा से बेगूसराय तक सफर करने वाले लोगों को भीषण जाम की वजह से भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।

बिहार में 30 घंटे तक महाजाम का तांडव- फोटो : social Media

Bihar Traffic Jam: दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर मोकामा से बेगूसराय तक सफर करने वाले लोगों को भीषण जाम की वजह से भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। गुजरात से जलमार्ग के रास्ते बरौनी रिफाइनरी के लिए लाए गए विशालकाय टनल चेचिसके सड़क पर उतरते ही राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। हालात ऐसे बने कि करीब 30 घंटे तक सड़क पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। लंबी कतारों में आम लोगों के साथ कई वीआईपी वाहन भी फंसे रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को विशालकाय टनल चेचिस की आगे की रवानगी स्थगित करनी पड़ी।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब जिला प्रशासन को मजबूरन इनकी रवानगी स्थगित करनी पड़ी है।

गुजरात से जलमार्ग के जरिए कुल छह विशालकाय टनल सिमरियाधाम पहुंचाए गए थे, जिनमें से चार को बरौनी रिफाइनरी के लिए रवाना किया गया था। लेकिन इनके आकार और वजन ने प्रशासनिक व्यवस्था की कलई खोल दी-30 घंटे का भीषण जाम: मोकामा-बेगूसराय मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिसमें कई वीआईपी वाहन भी घंटों फंसे रहे।सिमरियाधाम में अभी दो अन्य विशालकाय टनल चेचिस मौजूद हैं, जिन्हें बरौनी रिफाइनरी तक पहुंचाया जाना है। बताया जा रहा है कि इनका आकार और वजन पहले भेजे गए टनलों से भी अधिक है। ऐसे में इनके परिचालन की अनुमति देने से पहले प्रशासन को सड़क की स्थिति, पुल-पुलियों, हाइटगेज और यातायात के दबाव का गंभीरता से आकलन करना होगा।

दुर्गा पूजा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ और वाहनों की बढ़ती आवाजाही के बीच दोबारा महाजाम लगने की आशंका ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। आम यात्रियों को राहत देने के लिए सुरक्षित परिचालन की योजना बनाना जरूरी हो गया है।

चकिया थानाध्यक्ष गौतम कुमार दास के अनुसार, टनल चेचिस की चौड़ाई सड़क की उपलब्ध चौड़ाई से काफी अधिक है। इसके अलावा, चकिया और बीहट में लगे हाइटगेज और कम चौड़ाई के कारण इसके परिचालन में भारी बाधा आ रही है।

सिमरियाधाम में अभी भी दो अन्य विशालकाय टनल खड़े हैं, जो रिफाइनरी के लिए रवाना होने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। ये बचे हुए दोनों टनल आकार और वजन में पहले भेजे गए टनलों से भी ज्यादा भारी बताए जा रहे हैं।

भीषण जाम से सबक लेते हुए बेगूसराय जिला प्रशासन अब वैकल्पिक मार्ग से टनल चेचिस को ले जाने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। हालांकि, वैकल्पिक रास्ते को लेकर अंतिम निर्णय और काफिले की अगली रवानगी के समय की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि औद्योगिक ढुलाई और आम जनता की आवाजाही के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। भारी उपकरणों की सुरक्षित ढुलाई जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसा इंतजाम भी होना चाहिए, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों तक यातायात ठप न हो और त्योहार के दौरान लोगों को बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े।