बिहार में परमाणु क्रांति का आगाज़: तीन जिलों में संभावित स्थलों का सर्वे पूरा, सरकार ने तेज की प्रक्रिया
नीतीश सरकार ने न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया को गति दे दी है। शुक्रवार को पटना में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में बांका, नवादा और सिवान जैसे जिलों में संभावित स्थलों के चयन और वहां साल भर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी रोडमैप त
Patna - : बिहार को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार को पटना में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में बांका, नवादा और सिवान जैसे संभावित जिलों में न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना और वहां साल भर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया गया।
ऊर्जा सचिव की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग
बिहार में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया अब धरातल पर उतरती दिख रही है। शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को पटना के विद्युत भवन में ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु प्लांट के संचालन के लिए अनिवार्य 'जल उपलब्धता' और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास रहा।
इन तीन जिलों में प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा
परियोजना के लिए चिन्हित किए गए संभावित स्थलों पर प्रारंभिक सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार:
बांका: शंभूगंज और भितिया क्षेत्रों में सर्वेक्षण किया गया है।
नवादा: रजौली क्षेत्र में संभावनाओं को टटोला गया है।
सिवान: यहाँ प्रारंभिक सर्वेक्षण और भू-आकलन (Land Assessment) का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।
पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती
न्यूक्लियर पावर प्लांट को ठंडा रखने के लिए साल भर भारी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर ऐसी अवसंरचना (Infrastructure) बनाई जाए, जिससे बिना किसी रुकावट के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) ने इसके लिए सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के साथ तकनीकी परामर्श शुरू कर दिया है।
NPCIL और NTPC का तकनीकी सहयोग
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) और NTPC के विशेषज्ञ तकनीकी मार्गदर्शन दे रहे हैं। बैठक के दौरान इन दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने संभावित स्थलों की भौगोलिक और तकनीकी उपयुक्तता पर अपना संक्षिप्त ब्यौरा पेश किया। सरकार का लक्ष्य पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ संतुलित ऊर्जा उत्पादन सुनिश्चित करना है।
सरकार देगी हर संभव मदद: मनोज कुमार सिंह
ऊर्जा सचिव श्री मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार तकनीकी रूप से उपयुक्त स्थल और साल भर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। यह कदम न केवल बिहार की बिजली समस्या का स्थायी समाधान करेगा, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास को भी नई गति देगा।