Bihar Government News: सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना बंद! अब घर बैठे एक क्लिक पर होंगे सारे काम, जानिए सरकार का ये 'जादुई' पोर्टल

Bihar Government News: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत बनाने की दिशा में ‘बिहार वन’ परियोजना की शुरुआत की गई है। इस ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट के तहत कॉरपोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड को 87 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है।

डिजिटल गवर्नेंस के लिए नई पहल- फोटो : social media

Bihar Government News: बिहार सरकार ने प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को एक नई ऊंचाई देने के लिए 'बिहार वन' प्रोजेक्ट का शंखनाद कर दिया है। 'वन स्टेट, वन पोर्टल' की अवधारणा पर आधारित यह प्रोजेक्ट आम नागरिकों और सरकार के बीच की दूरी को खत्म करने की एक क्रांतिकारी कोशिश है। अब बिहार के निवासियों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र से लेकर समाज कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे।

87 करोड़ रुपए का मिला ठेका  

बता दें कि, इस ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट के तहत कॉरपोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड को 87 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है, जिसे जुलाई तक गो-लाइव करने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार के इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विभिन्न सरकारी सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। इससे नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं मिल सकेंगी और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। 

ये उठा सकेंगे लाभ 

राज्य सरकार का उद्देश्य सेवा वितरण को तेज, पारदर्शी और सरल बनाना है। ‘बिहार वन’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान, छात्र और आम नागरिक आसानी से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसे बिहार कॉमन सोशल रजिस्ट्री से जोड़ा जाएगा, जिससे बार-बार व्यक्तिगत जानकारी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। परियोजना में स्थानीय भाषा आधारित चैटबोट की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे आम लोगों के लिए सेवाओं का उपयोग और आसान होगा। 

रोजगार सृजन में निभाएगी अहम भूमिका 

इसके साथ ही यह पहल रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभाएगी। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, पटना में स्थापित आधुनिक डेवलपमेंट सेंटर के जरिए शहर को आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इस एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए सरकार का लक्ष्य न केवल बिचौलियों के दखल को समाप्त करना है, बल्कि सेवाओं की डिलीवरी में पारदर्शिता और रफ्तार लाना भी है।