बिहार में सरकारी आदेश बेअसर: अधिकारियों ने की ई-ग्राम कचहरी डेटा एंट्री की अनदेखी, ACS ने दिखाई सख्ती, दिया अल्टीमेटम

Bihar Panchayati Raj Department : बिहार पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेश की अनदेखी। 15 अप्रैल 2026 तक ई-ग्राम कचहरी मास्टर डेटा अपडेट करने का अल्टीमेटम। मुजफ्फरपुर और पटना में सबसे ज्यादा काम लंबित।

ई-ग्राम कचहरी को लेकर दी चेतावनी।- फोटो : gemini

Patna - बिहार में सरकारी व्यवस्था को डिजिटल बनाने की मुहिम अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) के बार-बार निर्देश देने के बावजूद जिलों में तैनात अधिकारी मास्टर डेटा अपडेट करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। विभाग द्वारा जारी ताजा पत्र से यह खुलासा हुआ है कि ई-ग्राम कचहरी (e-Gram Kachahari) पोर्टल पर कर्मियों की जानकारी प्रविष्ट करने का काम अभी भी अधर में लटका हुआ है। 

विभागीय आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियाँ 

पंचायती राज विभाग के संयुक्त सचिव मो. वसीम अहमद द्वारा सभी जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि पूर्व में कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी पोर्टल पर डेटा एंट्री नहीं की गई है। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। अधिकारी न केवल सरकार के डिजिटल विजन को बाधित कर रहे हैं, बल्कि उच्चाधिकारियों के आदेशों की भी खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। 

मास्टर डेटा एंट्री में भारी लापरवाही

ई-ग्राम कचहरी पोर्टल के सफल संचालन के लिए सरपंच, उप सरपंच, पंच, सचिव और न्यायमित्रों का नाम, पदनाम और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं मास्टर डेटा में दर्ज होनी अनिवार्य हैं। पत्र के अनुसार, प्रखंड स्तर के लॉगिन से यह डेटा अद्यतन किया जा सकता है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों की सुस्ती के कारण अधिकांश ग्राम कचहरियों का डेटा पोर्टल पर दिख ही नहीं रहा है। 

15 अप्रैल तक का मिला अंतिम अल्टीमेटम 

विभाग ने अब सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को 15 अप्रैल 2026 तक का समय दिया है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि इस अवधि के भीतर ग्राम कचहरी सचिव और न्यायमित्रों की समस्त सूचनाएं पोर्टल पर अनिवार्य रूप से प्रविष्ट कराई जाएं। इसे विभाग ने 'अत्यधिक आवश्यक' की श्रेणी में रखा है, जिससे संकेत मिलते हैं कि अब देरी होने पर गाज गिर सकती है। 

सिस्टम की साख पर सवाल बार-बार पत्राचार के बावजूद काम पूरा न होना प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। जब विभाग के संयुक्त सचिव को खुद सूची संलग्न कर अधिकारियों को उनके कर्तव्यों की याद दिलानी पड़ रही हो, तो यह स्पष्ट है कि नीचे के स्तर पर जवाबदेही का अभाव है। अब देखना यह है कि 15 अप्रैल की समयसीमा का पालन होता है या अधिकारियों की यह 'बेतपरवाही' आगे भी जारी रहती है।

जिलावार लंबित कार्यों की सूची (पंचायत संख्या)

यह सूची ई-ग्राम कचहरी पोर्टल पर ग्राम कचहरी सचिवों का डेटा लंबित होने के आधार पर है (रिपोर्ट दिनांक 05.04.2026):

जिला

लंबित पंचायतों की संख्या

अररिया (ARARIA)

53 

अरवल (ARWAL)

23 

औरंगाबाद (AURANGABAD)

13 

बांका (BANKA)

07 

बेगूसराय (BEGUSARAI)

34 

भागलपुर (BHAGALPUR)

09 

भोजपुर (BHOJPUR)

35 

बक्सर (BUXAR)

30 

दरभंगा (DARBHANGA)

24 

गया (GAYA)

34 

गोपालगंज (GOPALGANJ)

64 

जमुई (JAMUI)

19 

जहानाबाद (JEHANABAD)

09 

कैमूर (KAIMUR)

06 

कटिहार (KATIHAR)

21 

मुजफ्फरपुर (MUZAFFARPUR)

167 

पटना (PATNA)

135 

वैशाली (VAISHALI)

38